फेस आयल से पाएं कोमल-मुलायम त्वचा : शहनाज़ हुसैन

Posted On:- 2022-07-27




हमारा शरीर प्रकृतिक तरीके से तेल का उत्पादन करती है जोकि हमारी त्वचा को कोमल और मुलायम बनाने के लिए काफी होती है, लेकिन उम्र बढ़ने के साथ ही शरीर में प्रकृतिक तेलों का उत्पादन कम होने लगता है जिससे हमारी त्वचा बेजान और रूखी होने लगती है। ऐसे में हमे त्वचा के प्रकृतिक सन्तुलन को बनाये रखने के हर्बल फेस आयल की जरूरत पड़ती है। 

ज्यादातर महिलाओं को सोच रहती है की फेस आयल का उपयोग शुष्क और रूखी सुखी त्वचा को कोमल बनाने के लिए किया जाता है  लेकिन ऐसे अनेक फेस आयल हैं जिन्हे आप  सामान्य त्वचा पर भी प्रयोग कर सकती हैं।

हम अपनी रंगत निखारने ,चेहरे पर झुर्रियों को कम करने और अन्य सौन्दर्य जरूरतों के लिए ज्यादातर महंगी क्रीमों का सहारा लेते हैं लेकिन आप फेस आयल के माध्यम से सस्ते में अपनी त्वचा को गोरा , मुलायम और आकर्षक बना सकती हैं। फेस ऑयल त्वचा को कई तरीकों से फायदा पहुंचाता है।

फेस ऑयल  त्वचा को मॉइश्चराइज ही नहीं करता है, लेकिन यह त्वचा में नमी को बरकरार रखता है। फेस ऑयल मॉइश्चचर को लॉक कर त्वचा को मुलायम  बनाने में मदद करता है।  नारियल और ऑलिव ऑयल त्वचा को मॉइश्चचराइज करने के लिए बेहद अच्छे होते हैं। तेलों में ऐसे कई गुण पाए जाते हैंए जो हमारी त्वचा को आरोग्य  करके इसे आकर्षक और मुलायम बना देते हैं। चेहरे के लिए आर्गन ऑयल और जोजोबा ऑयल को सबसे अच्छा माना जाता है। आर्गन ऑयल में अनसैचुरेटेड फैटी एसिडए एंटीऑक्सिडेंट और विटामिन ई भरपूर मात्रा में पाया जाता है। इसके  नियमित  इस्तेमाल से  चेहरे की छाइयाँ  कम हो जाती हैं। इसे आपकी त्वचा जवां रहती है। इसे त्वचा में आसानी से सोख लेती है। 

क्लींजिंग के बाद आप अपने चेहरे पर आर्गन ऑयल लगाकर मसाज करें। सीरम की तरह इस तेल की केवल कुछ ही बूंद लगाएं। या फिर 100 मिलीलीटर गुलाब जल में तेल की कुछ बूंदें मिलाकर अपनी स्किन को टोन कर सकती हैं। फेस ऑयल जो एसेंशियल कैरियर और कंप्रेस्ड ऑयल का मिश्रण होते हैं। वह त्वचा संबंधी कुछ समस्याओं को कम करने में मदद करते हैं, जिससे चेहरे पर निखार आता है। हालांकिए जोजोबा या आर्गन ऑयल चेहरे के लिए फायदेमंद होते हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि आप तिल या जैतून के तेल का इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं। कभी.कभी ऑयल के कॉम्बिनेशन ज्यादा प्रभावी होते हैं। फेस ऑयल एसेंशियल और प्रेस्ड ऑयल का काम्बिनेशन हो सकता है, जैसे स्वीट आल्मंड ऑयल और जैतून का तेल,  या सम्बेदनशील  त्वचा  के लिए साधारण बिना सेंट बाले  तेल। तैलीय त्वचा के लिए तुलसी के तेल का इस्तेमाल किया जा सकता है।

इससे मुंहासे की समस्या कम होती है। यह शुष्क त्वचा के लिए फायदेमंद है। सुगन्धित तेलों में नीम का तेल बेहद गुणकारी होता है। लेकिन आप इसका इस्तेमाल सीधे अपनी त्वचा पर नहीं कर सकते हैं। मुहांसे और फफूंद संक्रमण से बचने के लिए इसे तिल के बीज के तेल और बादाम तेल के साथ बराबर मात्रा में मिलाया जाता है। इसलिए इसका इस्तेमाल तैलीय त्वचा पर भी किया जा सकता है।  आयुर्वेदिक फेस ऑयल में सबसे ज्यादा प्रसिद्ध कुमकुमदि तैलम या तेल है, जिसमें लगभग 24 आयुर्वेदिक जड़ी बूटियां का मिश्रण होता है। इन तेलों में ज्यादातर केसर, चंदन, हिमालयन चेरी, वेटिवर या खस, भारतीय बरबेरी,  बरगद के पेड़ के पत्ते और कई अन्य कीमती   आयुर्वैदिक जड़ीबूटियों का  इस्तेमाल किया जाता है।

तिल का तेल मूल माना जाता है। फेस ऑयल खरीदते समय लेबल जरूर पढ़े ताकि आपको यह पता चल सके कि इसमें कौन.से पौषक  तत्व मिलाए गए हैं। आपको मुख्य तेल और मूल पौषिक तत्वों की जांच करनी चाहिए। यह जरूर  देख लें की  यह आपकी त्वचा  के अनुरूप  होना चाहिए। उदाहरण के लिए जोजोबा ऑयल और टी ट्री ऑयल मुंहासे वाली त्वचा के लिए फायदेमंद होते हैं।



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