जल जीवन मिशन से मिला पाली के ग्रामीणों को पेयजल संकट से राहत

Posted On:- 2026-03-14




घर-घर पहुंच रहा शुद्ध पेयजल

महासमुंद (वीएनएस)। कभी शुद्ध पेयजल के लिए रोजाना संघर्ष करने वाला ग्राम पंचायत पाली के ग्रामीणों को आज जल जीवन मिशन ने पेयजल की संकट से निजात दिलाई है। ग्रामीण क्षेत्रों के सभी परिवारों, स्कूलों और आंगनबाड़ियों तक प्रतिदिन प्रति व्यक्ति 55 लीटर शुद्ध और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई जल जीवन मिशन योजना जिले के हजारों परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है।

महासमुंद मुख्यालय से लगभग 32 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम पंचायत पाली की आबादी करीब 1800 है, जहां लगभग 341 परिवार निवास करते हैं। इस गांव के अधिकांश लोग खेती-किसानी पर निर्भर हैं। कुछ समय पहले तक गांव के लोगों को पीने के पानी के लिए अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। ग्रामीणों को 500 मीटर से लेकर एक किलोमीटर दूर कुएं, तालाब और अन्य जल स्रोतों से पानी लाना पड़ता था। खासकर महिलाओं और बच्चों को पानी के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी, जिससे उनका काफी समय और श्रम खर्च होता था।

जल जीवन मिशन के अंतर्गत लगभग 69 लाख रुपये की लागत से गांव में पानी की टंकी का निर्माण किया गया और सभी 341 परिवारों के घरों तक नल कनेक्शन उपलब्ध कराया गया। अब ग्रामीणों को सुबह और शाम एक-एक घंटे नियमित रूप से जल आपूर्ति हो रही है। इससे गांव में पेयजल की समस्या लगभग समाप्त हो गई है और लोगों के जीवन में बदलाव आया है।

गांव की दुर्गेश्वरी ध्रुव, झरना मसीही और निलेश साहू बताते हैं कि पहले पानी लाने में काफी समय लगता था, लेकिन अब घर में ही नल से पानी मिलने लगा है। इससे समय और मेहनत दोनों की बचत हो रही है। वहीं ग्राम पंचायत के सरपंच भुनेश्वर लोधी का कहना है कि जल जीवन मिशन ने गांव में पानी की किल्लत से छुटकारा मिली है और इससे ग्रामीणों के जीवन स्तर में सुधार आया है।

कलेक्टर  विनय कुमार लंगेह ने कहा कि ग्रामीणों को उनके घरों में ही शुद्ध और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना ही इस योजना का मुख्य उद्देश्य है, ताकि महिलाओं और बच्चों को पानी के लिए लंबी दूरी तय न करनी पड़े और उनका जीवन स्तर बेहतर हो सके।

उल्लेखनीय है कि महासमुंद जिले में जल जीवन मिशन की शुरुआत वर्ष 2019 में हुई थी। कार्यपालन अभियंता पीएचई  डी.पी. वर्मा ने बताया कि जिले के 1117 गांवों के लिए कुल 1130 योजनाएं स्वीकृत की गई हैं, जिनके तहत लगभग 2 लाख 40 हजार परिवारों को नल कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा गया है। अब तक 358 योजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं और करीब 2 लाख परिवारों के घरों तक नल कनेक्शन पहुंच चुका है।



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