जशपुरनगर (वीएनएस)। कलेक्टर रोहित व्यास की अभिनव पहल से अब पत्थलगांव क्षेत्र के लोगों को राजस्व मामलों के निराकरण के लिए दूर-दराज के कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। जिला प्रशासन ने आमजन को स्थानीय स्तर पर त्वरित न्याय और प्रशासनिक सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पत्थलगांव में प्रत्येक माह के चौथे गुरुवार को “कलेक्टर लिंक कोर्ट” आयोजित करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही जनदर्शन कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा, जिसमें क्षेत्रवासी सीधे कलेक्टर को अपनी समस्याओं और मांगों से संबंधित आवेदन प्रस्तुत कर सकेंगे। इस नई व्यवस्था के तहत पहला जनदर्शन एवं लिंक कोर्ट 28 मई 2026 को होगा।
कलेक्टर रोहित व्यास ने आज राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक में लिंक कोर्ट की आवश्यक तैयारी एवं व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर लिंक कोर्ट की शुरुआत से पत्थलगांव क्षेत्र के नागरिकों को नामांतरण, सीमांकन, अपील, भू-अर्जन, त्रुटि सुधार, डायवर्सन एवं अन्य राजस्व प्रकरणों के निराकरण के लिए अब जशपुर जिला मुख्यालय जाने की आवश्यकता नहीं होगी। स्थानीय स्तर पर ही सुनवाई होने से लोगों के समय, धन और श्रम की बचत होगी तथा वर्षों से लंबित मामलों के निराकरण में तेजी आएगी। कलेक्टर ने कहा कि शासन की मंशा है कि आम नागरिकों को छोटी-छोटी प्रशासनिक एवं राजस्व समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। इसी उद्देश्य से दूरस्थ क्षेत्र पत्थलगांव में लिंक कोर्ट एवं जनदर्शन की व्यवस्था प्रारंभ की जा रही है। इस दौरान बैठक में अपर कलेक्टर प्रदीप साहू, जिले के सभी एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार एवं अन्य राजस्व अधिकारी मौजूद रहे।
राजस्व प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के निर्देश :
कलेक्टर व्यास ने राजस्व अधिकारियों की विस्तृत समीक्षा बैठक लेकर लंबित प्रकरणों के निराकरण में तेजी लाने के निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि नामांतरण, डायवर्सन, भू-अर्जन, त्रुटि सुधार, सीमांकन, स्वामित्व योजना, आरबीसी 6-4 सहित सभी लंबित प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखा जाए और पारदर्शिता के साथ कार्य किया जाए। बैठक में एग्रीस्टेक के अंतर्गत किसान पंजीयन के लंबित वेरिफिकेशन एवं स्वीकृति प्रकरणों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने तहसीलदारों एवं पटवारियों को निर्देश दिए कि लंबित प्रकरणों को अभियान चलाकर शीघ्र निराकृत किया जाए।
उन्होंने स्वामित्व योजना, मसाहती गांव सर्वेक्षण, किसान किताब में आधार प्रविष्टि, डिजिटल हस्ताक्षर से अभिलेख सत्यापन, भू-नक्शा अद्यतन, भू-बंटन रिकॉर्ड दुरुस्ती तथा त्रुटि सुधार कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए सभी कार्यों को तय समय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। कलेक्टर व्यास ने कहा कि राजस्व विभाग के मैदानी अमले सक्रियता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करें, ताकि आम जनता को प्रकरणों के निराकरण में त्वरित लाभ मिल सके। उन्होंने एसडीएम, तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार न्यायालयों में लंबित प्रकरणों को भी विशेष अभियान चलाकर शीघ्र निराकृत करने के निर्देश दिए।
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