रायपुर (वीएनएस)। शरीर को स्वस्थ्य रखने के लिए शारीरिक गतिविधियां जैसे योगा, प्राणायाम , व्यायाम करना बहुत जरूरी है। वैसे ही साइकिलिंग करने से भी अनेक स्वास्थ्य लाभ होते हैं। इसी क्रम में स्वास्थ्य मंत्रालय भारत सरकार के निर्देश पर प्रदेश के सभी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों पर रविवार 5 जून को “साइकिल रैली” निकाली जाएगी। इस संबंध में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संयुक्त संचालक छत्तीसगढ़, डॉ. एस. पाम्बोई ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को पत्र जारी कर जिलेवार कार्यक्रम करने को कहा है।
जारी पत्र में कहा गया है कि हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों पर कई तरह की गतिविधियां संचालित होती हैं। इसी कड़ी में स्वस्थ्य रहने के लिए योगा, जुम्बा की तरह साईकिल को भी ब़ढ़ावा देने की जरूरत है। इसलिए 5 जून को जिलेवार सभी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों में “साइकिल रैली” का आयोजन किया जाएगा तथा इसकी जानकारी पोर्टल में भी दर्शाने को कहा गया है। साथ ही नेहरू युवा केंद्र (एनवाईके), राष्ट्रीय सेवा समिति, (एनएसएस), शहरी स्थानीय निकायों, आदि को भी कार्यक्रम के आयोजन में शामिल करने को कहा गया है। इसके तहत जिलेवार “साइकिलिंग कार्यक्रम” की तैयारियां की जा रही हैं।
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन दिल्ली की अपर सचिव एवं निदेशक भारत सरकार ने सभी राज्यों को पत्र जारी कर नियमित शारीरिक गतिविधियों में साइकिलिंग को बढ़ावा देते हुए विश्व साइकिल दिवस और पर्यावरण दिवस के अवसर पर 5 जून को साइकिलिंग कार्यक्रम करने का निर्देश जारी किया था। जारी पत्र में कहा गया था कि “शारीरिक गतिविधियों के बहुत फायदे हैं। नियमित शारीरिक गतिविधियां, व्यायाम करने से गैर संचारी रोगों जैसे- ह्दय रोग, उच्च रक्तचाप, मधुमेह और कैंसर रोगों के जोखिम का खतरा कम होता है। साथ ही साथ मानसिक स्वास्थ्य, तनाव और अवसाद से भी काफी राहत मिलती है। हालांकि स्वास्थ्य एवं आरोग्य केन्द्रों पर योगा और जुंबा जैसी गतिविधियां की जा रही हैं। चूंकि नियमित साइकिलिंग भी एक अच्छा व्यायाम है, इससे भी गैर संचारी रोगों के जोखिम का खतरा कम हो सकता है। इसलिए योगा और जुंबा के साथ-साथ नियमित साइकिलिंग को भी बढ़ावा देने की जरूरत है।“ इस उद्देश्य के लिए 5 जून को साइकिलिंग कार्यक्रम करने को कहा गया।
साइकिलिंग के फायदे-
चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार नियमित योगा, प्राणायाम के समान ही नियमित साइकिल चलाने के भी कई फायदे हैं। इससे मोटापा कम होता है और शरीर में स्फूर्ति आती है। साथ ही हृदय रोगों, मधुमेह के जोखिम को भी कम होता है और हड्डियां भी मजबूत होती हैं।