अगर किसी व्यक्ति का वजन अधिक है और उसे घुटनों में दर्द या ऑस्टियोआर्थराइटिस की समस्या है, तो 5 से 10 प्रतिशत तक वजन कम करना फायदेमंद हो सकता है। इससे घुटनों पर पड़ने वाला दबाव कम करने, दर्द में राहत पाने और चलने-फिरने की क्षमता बेहतर बनाने में मदद...
एड़ी की हड्डी के पास अतिरिक्त हड्डी का उभार, जिसे हील स्पर कहते हैं, कुछ लोगों में दर्द का कारण हो सकता है। हालांकि, हील स्पर होने का मतलब यह नहीं कि दर्द जरूर होगा। इसके अलावा, गलत फिटिंग वाले जूते, लंबे समय तक खड़े रहना और पैरों पर ज्यादा दबाव प...
लूज मोशन यानी दस्त होने पर शरीर में पानी की कमी हो जाती है और इससे बॉडी में कमजोरी और थकान महसूस होने लगती है। इस दौरान खानपान का बेहद खास ख्याल रखना जरूरी होता है, क्योंकि सही डाइट से शरीर को रिकवर होने में मदद मिल सकती है। डॉक्टर शुभम वत्स से जा...
अक्सर यह देखने में आता है कि ठंड के दिनों में रूसी की समस्या बढ़ जाती है। ऐसे में अमरूद की पत्तियों का इस्तेमाल करने से यकीनन आपको लाभ मिल सकता है। दरअसल, इसमें एंटी-माइक्रोबायल और एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो रूसी और स्कैल्प की अन्य समस्याओ...
केले में थोड़ी मात्रा में प्यूरीन होता है। जिस फूड में पर्याप्त कार्बोहाइड्रेट स्रोतों की कमी होती है वह आपके कीटोन यौगिकों के स्तर को बढ़ा सकता है और आपके रक्त में यूरिक एसिड की सांद्रता बढ़ा सकता है। ऐसे में केला काफी फायदेमंद होगा क्योंकि इसमें...
सुबह जल्दी उठना मनुष्य को स्वस्थ, धनी और बुद्धिमान बनाता है। स्वस्थ रहने के लिए सुबह जल्दी उठने की आदत डालें। यह दिमाग, शरीर और आत्मा को तरोताजा करने के साथ इम्यून सिस्टम को भी मजबूत करता है। सूर्योदय से पहले उठने से शरीर और दिमाग फ्रेश रहता है और...
नारियल पानी की खास बात ये है कि ये डायूरेटिक गुणों से भरपूर है। यानी कि ये किडनी के अंदर फिल्ट्रेशन के प्रोसेस को तेज करता है और फिर मूत्र के माध्यम से गंदगी को डिटॉक्स करता है। इसके अलावा ये पेशाब को खुलकर होने में मदद करता है और इसकी मात्रा बढ़ा...
मांसपेशियों या लिगामेंट में खिंचाव: भारी सामान उठाने, अचानक अजीब तरह से हिलने-डुलने या गिरने से पीठ की मांसपेशियों और रीढ़ की हड्डी के लिगामेंट में खिंचाव आ सकता है। अगर आपकी शारीरिक स्थिति ठीक नहीं है, तो पीठ पर लगातार खिंचाव से मांसपेशियों में द...
गठिया कोई एक बीमारी नहीं, बल्कि जोड़ों को प्रभावित करने वाली कई बीमारियों का ग्रुप है। इनमें ऑस्टियोआर्थराइटिस और रूमेटॉइड आर्थराइटिस मुख्य हैं। ऑस्टियोआर्थराइटिस में जोड़ों की संरचना धीरे-धीरे प्रभावित होती है। यह समस्या घुटनों, कूल्हों और हाथों ...