राजनीति में होशियार वह होता है जो सही समय पर सही चाल चलता है ओर सामने वाले को सोचने को मजबूर कर देता है कि यह चाल चली क्यों गई हैं और इसकी काट क्या है। जब सामने वाला चाल की काट सोचता है तो लगता है कि वह सामने वाली की चाल में फंस गया है और उसकी मात...
रोजगार दो क्षेत्रों में मिला करता है। एक सरकारी क्षेत्र और दूसरा निजी क्षेत्र।सरकारी क्षेत्र में रोजगार के अवसर सीमित होते हैं लेकिन ज्यादातर लोग सरकारी नौकरी चाहते हैं और अवसर सीमित होने के कारण सबको सरकारी नौकरी मिलती नहीं है।
राजनीति में किसी प्रदेश के राजनीतिक समीकरण बदल देना कोई आसान काम नहीं होता है। वह भी बिहार जैसे देश की राजनीति में अहम स्थान रखने वाले राज्य के राजनीतिक समीकरण बदल देना बहुत ही मुश्किल काम होता है।
अमरीका व ईरान के लड़़कर थकने के बाद अस्थायी युध्दविराम हुआ है, इसका समय २१ अप्रैल को समाप्त होना है। इससे पहले अमरीका व ईरान के नेताओं के बीच बातचीत तो शुरू होनी ही थी क्योंकि अगर बातचीत नहीं होती तो सवाल उठता कि दोनों को जब बातचीत नहीं करनी थी त...
हर क्षेत्र में आदमी की अलग अलग भूमिका होती है, जब जैसी उसकी भूमिका होती है, वह वैसा सोचता है और लोगों से कहता भी है कि यही उनके हित में है। जब वह परिवार के बारे में सोचता है तो वह परिवार के हित के बारे में सोचता है, परिवार के हित के बारे कहता है।
कभी देश के क्रिकेट में दो चार राज्यों के खिलाड़ी ही खेला करते थे। आईपीएल शुरू होने के बाद क्रिकेट में कई राज्यों के खिलाडियों को खेलने का मौका मिल रहा है। इससे कई राज्यों से प्रतिभाशाली खिलाड़ी सामने आ रहे हैं और अपने प्रतिभा से देश के लोगों को है...
देश में पांच राज्यों के चुनाव में से तीन राज्यों असम,केरल व पुड्डुचेरी विधानसभा के लिए रिकार्ड मतदान हुआ है।राज्य विधानसभा चुनाव में कम मतदान होता है तो उसका कुछ मतलब निकाला जाता है और ज्यादा मतदान होता है तो उसका कुछ मतलब निकाला जाता है।
कई बार आम जीवन में ऐसा होता है कि दो लोग मौखिक रूप से लड़ते लड़ते थक जाते हैं तो थककर चुप हो जाते हैं।दोनों लड़ना चाहते हैं लेकिन थक गए हैं इसलिए लड़ना नहीं चाहते हैं
राजनीति में नेताओं को रोज कुछ न कुछ कहना होता है, चुनाव के समय तो एक दिन में कई जगह भाषण देना रहता है,एक दूसरे के नेताओं के खिलाफ तीखी टिप्पणी करनी होती है।झूठ भी बोलना पड़ता है।कभी कभी ऐसे में बड़े नेताओं से जल्दी जल्दी में कहना कुछ होता है और कह...
हमारे देश की राजनीति में परिवारवाद सबसे बड़ी व सबसे गंभीर समस्या है लेकिन ज्यादातर राजनीतिक दल इसे न तो सबसे बड़ी समस्या मानते हैं और न ही गंभीर समस्या मानते हैं।