हर आदमी,परिवार,समाज व देश का एक या कई लक्ष्य होते हैं।जिन्हेंं सभी हासिल करना चाहते हैं लेकिन लक्ष्य तय करना जितना आसान होता है लेकिन लक्ष्य को हासिल करना उतना आसान नहीं होता है। लक्ष्य छोटा होता है तो भी उसे हासिल करना आसान नहीं होता है,
राजनीतिक दल कई मुद्दे महज राजनीति के लिए उठाते हैं। वह मुद्दे को लेकर गंभीर नहीं रहते हैं,मुद्दा मिल गया है तो उसे उठा लेते हैं,दूसरे राजनीतिक दल को बदनाम करने के लिए,खुद चर्चा में रहने के लिए।राहुल गांधी व कांग्रेस पार्टी अपनी अध्यक्ष मल्लिकार्जु...
वक्त के साथ ज्यादातर लोगों की पसंद भी वही बनी भी रहती है और कुछ लोगों की पसंद बदलती भी है। लोगों की पसंद बने रहने का जिस तरह बहुत से कारण होते हैं, उसी तरह लोगों की पसंद बदलने के भी कई कारण होते हैं।
परिवार,समाज व देश की एक संस्कृति होती है।संस्कृति का आधार होता है संस्कार,मनुष्य को संस्कार परिवार से मिलते हैं।यह पारिवारिक संस्कार होते हैं,परिवारों से मिलकर समाज बनता है तो समाज के संस्कार सामाजिक संस्कार होते हैं
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले योगी सरकार व समाजवादी पार्टी ने महिलाओं और बेटियों को साधने के लिए चुनाव के कुछ महीने पहले ही होड़ शुरू हो गई है।योगी सरकार कोई घोषणा महिलाओं व बालिकाओं के लिए करती हैं तो सपा के लिए भी जरूरी हो जाता...
देश में आरक्षण सबसे ज्यादा संवेदनशील मुद्दा है।इसलिए राजनीतिक दल चुनावी फायदे के लिए इसे बढ़ाने की बात तो करते हैं लेकिन इस खत्म करने या इसमें सुधार के लिए चर्चा करने को भी कतई तैयार नहीं होते है।
कोई भी क्षेत्र हो,उस क्षेत्र का आदमी जो कुछ कहता है,उससे पता चलता है कि उसके भीतर क्या है और जो भीतर होता है, वही बाहर आता है। ऐसा हो नही सकता कि आदमी के भीतर जो नहीं है, वह उसकी बातों के जरिए बाहर आ जाए।आदमी की बातों के जरिए वही बाहर आता है, जो उ...
हर राज्य में सरकारी स्कूली शिक्षा व्यवस्था निरीक्षण करने का अधिकार सरकारी अधिकारियों को होता है।वह करते भी हैं ताकि जिन स्कूलों में शिक्षा के लिए जरूरी व्यवस्था नहीं है वहां जरूरी व्यवस्था की जा सके और बच्चों को शिक्षा में सुविधा हो।स्कूलों में शि...
रोज हादसे होते रहते हैं,रोज हर उमर के लोग मरते रहते हैं,कोई अपनी गलती से मरता है तो कोई दूसरों की गलती मरता है।कोई चाहे अपनी गलती से मरे या किसी दूसरे की गलती से मरे,किसी न किसी को पीड़ा तो होती है
राजनीति तब सफल मानी जाती है जब कोई राजनीतिक दल एक के बाद कई चुनाव जीतता है और राजनीति तब असफल मानी जाती है जब कोई राजनीतिक एक के बाद एक कई चुनाव हारता जाता है और उसके निकट भविष्य में कोई चुनाव जीतने की उम्मीद नहीं बची रहती है।