छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली सरकार के सुशासन से समृद्धि तक के सफर का असर अब सुदूर अंचलों में भी स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। इसका प्रत्यक्ष उदाहरण दंतेवाड़ा जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2025दृ26 के तहत की जा रही धान खरी...
कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव ने बुधवार को जिले के विभिन्न शैक्षणिक एवं अन्य महत्वपूर्ण संस्थानों का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने छू लो आसमान, एजुकेशन सिटी, स्विमिंग पुल, क्रिकेट ग्राउंड तथा बड़े कारली स्थित पूरक पोषण आहार यूनिट (...
जिला प्रशासन द्वारा युवा उद्यमिता को प्रोत्साहित करने हेतु सामाजिक निवेश नेटवर्क “रंग दे” के साथ की गई साझेदारी के अंतर्गत आज “युथ हब” कार्यक्रम के लाभार्थियों को ऋण वितरित किया गया।
भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली के निर्देशानुसार अर्हता तिथि 01 जनवरी 2026 के संदर्भ में जिले में निर्वाचक नामावलियों का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत जिले में कुल 7694 नो-मैपिंग मतदाता चिन्हा...
भारत स्काउट्स एवं गाइड्स राष्ट्रीय मुख्यालय, नई दिल्ली द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य की मेजबानी में आयोजित प्रथम राष्ट्रीय रोवर रेंजर जम्बूरी 2026 का आयोजन 07 जनवरी 2026 से 13 जनवरी 2026 तक ग्राम दुथली, जिला बालोद (छ.ग.) में किया जा रहा है।
कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव की अध्यक्षता में आज संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक संपन्न हुई। बैठक में जिले के समस्त विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति, विभिन्न विभागों में लंबित प्रकरणों की स्थिति तथा माननीय मुख्...
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जयंत नाहटा ने आज ग्राम पंचायत तुड़पारास का निरीक्षण कर पंचायत क्षेत्र में संचालित विभिन्न विकास कार्यों की गहन समीक्षा की।
प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने एक दिवसीय दंतेवाड़ा प्रवास पर शुक्रवार को बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के एक दिवसीय दंतेवाड़ा जिले के प्रवास पर स्थानीय कारली हेलीपैड में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री साय के साथ में छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा और पर्यटन मंत्री राजेश अग्...
बस्तर अंचल की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, कला, लोकपरंपराओं और विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के उद्देश्य से ‘बस्तर पंडुम’ का आयोजन वर्ष 2026 में भी गत वर्ष की भांति भव्य और आकर्षक रूप में किया जाएगा।