रायपुर (वीएनएस)। इतिहास का विषय सभी के लिए महत्वपूर्ण होता है और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए यह और भी महत्वपूर्ण विषय माना जाता है। सभी तरह की प्रतियोगी परीक्षाओं में इतिहास से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं। यह बातें शासकीय पं. श्यामाचरण शुक्ल महाविद्यालय के कला संकाय द्वारा सामाजिक विज्ञान और मानविकी में करियर विषय पर आयोजित कार्यशाला में विषय विशेषज्ञों ने कहीं।
शासकीय पं. श्यामाचरण शुक्ल महाविद्यालय की सहायक प्राध्यापक डॉ. रश्मि कुजूर ने बताया कि कला संकाय द्वारा आयोजित इस सात दिवसीय ऑनलाइन कार्यशाला के छठवें दिन शनिवार को ’प्रतियोगी परीक्षाओं में इतिहास विषय की भूमिका’ विषय पर आयोजित कार्यक्रम की मुख्य वक्ता छत्तीसगढ़ महाविद्यालय की सहायक प्राध्यापक डॉ. मोना जैन थीं। उन्होंने प्राचीन भारतीय इतिहास की मूलभूत जानकारी देते हुए प्रतियोगी परीक्षाओं में इसके महत्व पर प्रकाश डाला।
डॉ. मोना जैन ने छत्तीसगढ़ राज्य के महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्थलों मल्हार, सिरपुर, मदकुद्वीप एवं तर्रीघाट के संबंध में भी अनेक महत्वपूर्ण जानकारियों से विद्यार्थियों को अवगत कराया। कार्यक्रम की समन्वयक एवं महाविद्यालय की प्रभारी प्रार्चाय डॉ. शबनूर सिद्धिकी ने भी प्रतियोगी परीक्षाओं में इतिहास विषय की महत्ता पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ. रश्मि कुजूर द्वारा किया गया। कार्यशाला में छत्तीसगढ़ राज्य के विभिन्न जिलों के महाविद्यालयों के प्राध्यापकगण एवं पं. श्यामचरण शुक्ल महाविद्यालय धरसींवा के प्राध्यापकगण एवं विद्यार्थीगण उपस्थित रहे।