देहरादून (वीएनएस)। उत्तराखंड के उत्तरकाशी में यमुनोत्री नेशनल हाईवे पर डामटा रिखाऊं खड्ड के पास रविवार को हुए दर्दनाक हादसे में 26 यात्रियों की जान चली गई। 30 यात्रियों से भरी बस अनियंत्रित होकर एक खाई में जा गिरी। 26 शव बरामद कर लिए गए हैं। सूचना मिलते ही पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंच गई। बचाव कार्य जारी है। घटना के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आपदा कंट्रोल रूम पहुंचे हैं।
वहीं, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज चौहान भी देहरादून पहुंच गए। उन्होंने मृतकों के परिवारों को 5-5 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये देने की घोषणा की है। सीएम शिवराज ने कहा, मैं यहां देहरादून के आपदा नियंत्रण कक्ष में हूं। मैंने मौके से पूरी जानकारी ली है। घटनास्थल पर डीएम, एसपी, डीआईजी, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें मौजूद हैं। दो लोगों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। तीन घायल मैक्स अस्पताल में भर्ती हैं।
सीएम पुष्कर सिंह धामी और शिवराज सिंह चौहान घटनास्थल पर हालातों का जायजा लिया। सीएम शिवराज देर रात देहरादून पहुंचे थे। देहरादून पुलिस कंट्रोल रूम में उत्तराखंड के अधिकारियों के साथ उन्होंने बैठक की थी। उत्तरकाशी में चलाए जा रहे रेस्क्यू ऑपरेशन की उन्होंने जानकारी ली। इसके बाद रात में ही सीएम शिवराज हॉस्पिटल पहुंचे। यहां घायलों से मुलाकात की। अब वह सीएम धामी के साथ घटनास्थल पर पहुंच गए है। सीएम धामी और शिवराज सिंह चौहान ने घटनास्थल का जायजा लिया और मृतकों के प्रति संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री शिवराज चौहान उन यात्रियों से भी मिले जो दूसरी बस में सवार थे। मुख्यमंत्री शिवराज ने कहा कि रक्षा मंत्री से हवाई जहाज मांगा गया है जो दो बजे तक जौलीग्रांट पहुंच जाएगा। उसके बाद सभी शवों को खजुराहो एयरपोर्ट पर उतारा जाएगा। वहां गाड़ियों की व्यवस्था की गई ताकि शवों को उनके घर तक पहुंचाया जा सके।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घटनास्थल का दौरा करने के उपरांत जौलीग्रांट के लिए प्रस्थान किया। थोड़ी ही देर में दोनों हिमालय अस्पताल पहुंचेंगे। वहीं परिवहन मंत्री चन्दन राम दास घटना स्थल पर पहुंचे हैं।
परिवहन मंत्री ने दिए 15 दिनों में डीपीआर तैयार करने के निर्देश
परिवहन मंत्री चन्दन राम दास ने स्वीकारा कि घटना स्थल पर सड़क सुरक्षित नहीं है। यदि सड़क पर पैरापिट बने होते तो घटना को रोका जा सकता था। उन्होंने मुख्य अभियन्ता प्रमोद को 15 दिनों में डीपीआर तैयार करने के निर्देश दिए। परिवहन मंत्री ने कहा कि वह स्वयं नितिन गडकरी से मिलेंगे ताकि हरबर्टपुर से बड़कोट तक यमुनोत्री हाइवे को ऑल वेदर में शामिल करवाया जा सके और सड़क पर सुरक्षात्मक कार्य जल्दा हो पाए।