बीजापुर (वीएनएस)। कलेक्टर व जिला दण्डाधिकारी राजेन्द्र कुमार कटारा द्वारा पंचायत उप निर्वाचन 2022 के मद्देनजर सम्बन्धित निर्वाचन क्षेत्रों के ग्राम पंचायतों में छत्तीसगढ़ कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1985 को प्रभावशील कर दिया गया है। इस बारे में जारी आदेश में कहा गया है कि पंचायत उप निर्वाचन 2022 को दृष्टिगत रखते हुए जिले के जनपद पंचायत भैरमगढ़ के ग्राम पंचायत बैल, मर्रामेटा एवं ताकीलोड़, जनपद पंचायत बीजापुर के ग्राम पंचायत पेदाकोड़ेपाल, मिड़ते एवं पदेड़ा, जनपद पंचायत भोपालपटनम अंतर्गत ग्राम पंचायत दम्पाया, अंगमपल्ली, संड्रापल्ली, मद्देड़, बामनपुर, पामगल, एवं चेरपल्ली और जनपद पंचायत उसूर के ग्राम पंचायत पालागुड़ा, मलेमपेंटा, तर्रेम एवं मुरदण्डा में आगामी 30 जून 2022 तक रात्रि 10 बजे से प्रातः 6 बजे के मध्य किसी भी स्थान में तीव्र संगीत बजाया जाना एवं बजवाना सहित ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग किया जाना अथवा करवाया जाना पूर्ण रूप से निषिद्ध किया जाता है। ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग निर्वाचन के लिए प्रयुक्त वाहनों पर तथा निर्वाचन सभाओं में प्रातः 6 बजे से रात्रि 10 बजे तक ही किया जा सकेगा किन्तु ऐसे ध्वनि विस्तारक यंत्र साधारण किस्म के होंगे एवं मध्यम आवाज में ही प्रयोग किये जा सकेंगे तथा इस हेतु सक्षम प्राधिकारी से अनुमति प्राप्त करना आवश्यक है। लोक शांति को ध्यान रखते हुए लंबे चोंगे वाले लाऊडीस्पीकर का उपयोग पूर्ण रूप से प्रतिबंधित किया जाता है। वाहनों पर और निर्वाचन सभाओं में एक से अधिक लाऊडीस्पीकर समूहों में लगाया जाना भी प्रतिबंधित किया जाता है। निर्वाचन सभाओं तथा निर्वाचन प्रचार हेतु प्रयुक्त वाहनों पर ध्वनि विस्तारक यंत्र लगाने के लिए संबन्धित थाना प्रभारी से लिखित पूर्वानुमति प्राप्त करना अनिवार्य होगा। प्रातः 6 बजे से रात्रि 10 बजे तक ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग सामान्यतः सक्षम अधिकारी की अनुमति प्राप्त कर ही किया जा सकता है। लेकिन लोक स्थान यथा कलेक्टोरेट, जिला निर्वाचन कार्यालय, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व कार्यालय, तहसील कार्यालय, शैक्षणिक संस्थाओं, अस्पताल, नर्सिंग होम, न्यायालय परिसर, अन्य शासकीय कार्यालय, छात्रावास, स्थानीय निकाय कार्यालय, बैंक, डाकघर, दूरभाष केन्द्र आदि से 200 मीटर दूरी के भीतर ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग सामान्यतः स्थिति में पूर्णतः प्रतिबंधित किया जाता है। इस अधिनियम के अधीन अपराध संज्ञेय एवं दण्डनीय होगा।