महिलाओं को एनीमिया से मुक्त करने जिले में शुरू हुआ मिशन '11 प्लस'

Posted On:- 2022-06-06



कवर्धा (वीएनएस)। जिले की महिलाओं, किशोरियों और बच्चियों में हीमोग्लोबिन की कमी दूर करने के लिए जिला कलेक्टर रमेश कुमार शर्मा के निर्देश पर सीएमएचओ डॉ सुजॉय मुखर्जी के नेतृत्व में कबीरधाम ज़िले के स्वास्थ्य विभाग ने मिशन 11 प्लस नामक मुहिम शुरू किया है। इस मुहिम का उद्देश्य ज़िले की आधी आबादी की हीमोग्लोबिन जांचकर इसकी कमी को दूर करना है। इसके लिए जिले भर के स्वास्थ्य केंद्रों में जारी रूटीन एच बी जांच के अलावा मुहिम चलाकर हर वर्ग के सम्बन्धितों का जांच किया जाएगा।

कलेक्टर शर्मा ने स्पष्ट कहा है कि स्वास्थ्य टीम द्वारा लोगों का हीमोग्लोबिन जांच के साथ - साथ स्थानीय स्तर पर सरलता से उपलब्ध आयरन युक्त खाद्य सामग्रियों के सम्बंध में परामर्श भी दिया जाए, जिससे लोग अपने आहार में इन्हें जोड़ सकें स्थायी लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि मुनगा की सब्जी व भाजी, गुड़-चना आदि आसानी से कम कीमत में उपलब्ध होने वाले आहार हैं, इनके जैसे आहारों की सूची देकर काउंसलिंग जरूरी है। शर्मा ने इस सम्बंध में बैठक लेकर सर्व सम्बन्धित विभागों को जैसे-महिला बाल विकास विभाग, पंचायत विभाग व स्कूल शिक्षा विभाग को इस दिशा में स्वास्थ्य विभाग से समन्वय करके कार्य सम्पादन के लिए कहा है।

क्या है मिशन 11 प्लस मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ सुजॉय मुखर्जी ने इस सम्बंध में बताया कि उक्त मुहिम का नाम मिशन 11 प्लस इसलिए रखा गया है, क्योंकि एक सामान्य व्यक्ति के शरीर में 11 ग्राम या अधिक हिमोग्लोबिन होना चाहिए। उन्होंने बताया कि हमारा उद्देश्य लोगों में 11 ग्राम या अधिक हीमोग्लोबिन स्तर लाना है। उन्होंने कहा कि 11 से 9 ग्राम वालों माइनर एनिमिक माना जाता है और साधारण देखभाल व खान पान ठीक करके इसे ठीक किया जा सकता है। 9 ग्राम से कम हीमोग्लोबिन होने पर चिकित्सक की सलाह और परामर्श में रहकर आयरन , फोलिक एसिड की टेबलेट भोजन के बाद अनिवार्य जोड़ा जाता है। इसके अलावा भोजन में आयरन युक्त खाद्य पदार्थों को बढाने की सलाह दी जाती है।

उन्होंने बताया कि पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं में हीमोग्लोबिन कम होने के अनेक कारण हैं, जैसे- माहवारी में गड़बड़ी, अबॉर्शन, गर्भधारण आदि शारीरिक कारणों के साथ-साथ सामाजिक वजह भी है जैसे- प्रायः महिलाएं सबको खाना खिलाने के बाद सबसे आखिर में भोजन करती हैं, जिससे पर्याप्त मात्रा में सब्जी आदि आवश्यक भोजन की जगह बजा-खुचा या बासी भोजन महिलाओं को मिल पाता है। महिलाओं द्वारा अपने खान-पान पर पर्याप्त ध्यान भी नही दिया जाता है, जिसके चलते पोषण आहार नही मिलने से शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी आ जाती है। इसलिए यह मुहिम विशेष रूप से महिलाओं के लिए चलाया जा रहा है। एनीमिया क्या है एनीमिया का अर्थ है शरीर में खून की कमी होना। यह तब होता है, जब शरीर के रक्त में लाल कणों या कोशिकाओं के नष्ट होने की दर, उनके निर्माण की दर से अधिक होती है। किशोरावस्था और रजोनिवृत्ति के बीच की आयु में एनीमिया सबसे अधिक होता है। एक सर्वे के अनुसार भारत में बड़ी संख्या में गर्भवती महिलाएं एनीमिया से पीड़ित पाई गई हैं।

सीएमएचओ डॉ मुखर्जी ने बताया कि अनीमिया 3 तरह का होता है- माइल्ड, मॉडरेट और सीवियर। अगर बॉडी में हीमोग्लोबिन 10 से 11 ग्राम के आसपास हो तो इसे माइल्ड अनीमिया कहते हैं। वहीं अगर हीमोग्लोबिन 8 से 9 ग्राम होता है तो इसे मॉडरेट अनीमिया कहते हैं। जबकि सीवियर अनीमिया में हीमोग्लोबिन 8 ग्राम से कम होता है।

एनीमिया के लक्षण

सांस लेने में दिक्कत होना। थकान। हाथ-पैर ठंडे होना। त्वचा में पीलापन। कमजोरी। चक्कर आना। सिरदर्द। दिल की अनियमित धड़कन आदि।