
रायपुर (वीएनएस)। टैगोर नगर स्थित लालगंगा पटवा भवन में चल रहे प्रेरक प्रवचन के अंतर्गत सोमवार को श्रमण संघ के युवाचार्य महेंद्र ऋषि म.सा. ने कहा, हमारी आत्मा पर कर्मों की धूल जम गई है। इसे साफ कर पाना केवल इस दुर्लभ मानव जीवन में ही संभव है। अगर आप अब भी नहीं चेते तो आत्मा 84 लाख योनियों में नाना प्रकार के कष्टों को भोगते हुए भ्रमण करेगी।
उन्होंने काम-क्रोध, मान-माया का त्याग करने का आह्वान करते हुए कहा, जिनवाणी के प्रति सच्ची श्रद्धा रखें। आस्था के साथ महावीर की वाणी का श्रवण करें। कहीं घूमने जाते हैं तो कैसे अपने मित्रों को भी साथ चलने का प्रस्ताव देते हैं। उसी प्रकार सत्संग में जाने के लिए भी अपने साथियों को प्रेरित करें। जिन सुख-सुविधाओं को प्राप्त करने के लिए आपने पूरा जीवन लगा दिया, मृत्यु के बाद वो यहीं रह जाएंगे। जरा विचार करिए कि आप अपने जीवन का सदुपयोग कर रहे हैं या इस दुर्लभ मानव जीवन को यूं ही बर्बाद कर रहे हैं। अर्थ से ज्यादा कर्म पर ध्यान दीजिए क्योंकि अर्थ यहीं रह जाएगा, कर्म ही आगे की यात्रा में आपके साथ जाएगा।
जोड़ का गणित अधूरा है जब तक आपको जुड़ना और जोड़ना न आए संतश्री ने कहा, आज तक की शिक्षा में जो आपने जोड़ का गणित सीखा वह अधूरा है जब तक आप लोगों को जोड़ना नहीं सीखते। समाज को जोड़ना नहीं सीखते। महावीर ने हमें दूसरों की सेवा और सहायता की राह दिखाई है। कभी किसी को मन, वचन और कर्म से दुख मत पहुंचाइए। याद रखिए शुभ कर्मों की गति शुभ होती है और अशुभ कर्मों की गति अशुभ।
सुबह 8.45 बजे से प्रवचन रायपुर श्रमण संघ के अध्यक्ष ललित पटवा ने बताया कि मंगलवार सुबह 8.45 से 9.45 बजे तक परमपूज्य गुरुदेव प्रेरक प्रवचन के जरिए समाज का मार्गदर्शन करेंगे। दोपहर में बच्चों और महिलाओं के लिए संस्कार शिविर का आयोजन किया गया जहां उन्हें पूजा-पाठ, ध्यान, साधना आदि सिखाया गया। रात में पुरुषों के लिए ज्ञान चर्चा का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों में लोग बड़ी संख्या में शामिल हो रहे हैं।