भारतीय बैंकों, मुद्रा को अंतरराष्ट्रीय व्यापार, आपूर्ति श्रृंखला का अहम हिस्सा बनाने की जरूरत: मोदी

Posted On:- 2022-06-07



नई दिल्ली (वीएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि भारत के बैंकों और मुद्रा को अंतरराष्ट्रीय व्यापार और आपूर्ति श्रृंखला का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाने की जरूरत है। प्रधानमंत्री ने साथ ही वित्तीय संस्थानों से आह्वान किया कि वे वित्तीय और कंपनी संचालन की बेहतर प्रथाओं को लगातार प्रोत्साहित करें। आजादी के अमृत महोत्सव के तहत वित्त मंत्रालय और कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय के ‘अनुप्रतीकात्मक सप्ताह’ (आइकॉनिक वीक) समारोह का उद्घाटन करने के बाद मोदी ने कहा कि भारत ने विभिन्न वित्तीय समावेशन मंच विकसित किए हैं और इनके बारे में जागरूकता पैदा करने की जरूरत है। उन्होंने कहा, इन वित्तीय समावेशन समाधानों का विश्वस्तर पर विस्तार करने के प्रयास होने चाहिए। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा, हमारे बैंक, हमारी मुद्रा अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखला के अंतरराष्ट्रीय व्यापार का व्यापक हिस्सा कैसे बनें, इसपर भी ध्यान केंद्रित करना जरूरी है। मोदी ने कहा कि दुनिया के एक बड़े हिस्से को भारत से समस्याओं के समाधान की उम्मीद है और यह इसलिए संभव हो पा रहा है, क्योंकि पिछले आठ वर्षों में सरकार ने सामान्य भारतीय के विवेक पर भरोसा किया और जनता को विकास में ईमानदार भागीदार के रूप में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा, आज दुनिया सिर्फ एक बड़े उपभोक्ता बाजार के रूप में ही नहीं, बल्कि एक समर्थ, पासा पलटने वाले और नवोन्मेषी पारिस्थितिकी तंत्र के रूप में आशा और अपेक्षाओं से हमारी तरफ देख रही है। इस मौके पर उन्होंने ‘जन समर्थ’ पोर्टल की शुरुआत भी की, जिसका मुख्य उद्देश्य नागरिकों के लिए 12 सरकारी योजनाओं को एक मंच पर लाकर उन तक पहुंच को डिजिटल माध्यमों से और आसान व सरल बनाना है। उन्होंने सिक्कों की एक नयी श्रृंखला भी जारी, जो 'दृष्टिहीनों के अनुकूल' भी हैं। ये सिक्के 1 रुपये, 2 रुपये, 5 रुपये, 10 रुपये और 20 रुपये मूल्यवर्ग के हैं और इनपर आजादी के अमृत महोत्सव (एकेएएम) का डिजाइन बना है। उन्होंने कहा, ये नए सिक्के देश के लोगों को निरंतर अमृतकाल के लक्ष्य याद दिलाएंगे, उन्हें राष्ट्र के विकास में योगदान के लिए प्रेरित करेंगे।