नारायणपुर (वीएनएस)। कलेक्टर ऋतुराज रघुवंशी की अध्यक्षता में मंगलवार, 7 जून को कलेक्टोरेट के सभाकक्ष में साप्ताहिक समय सीमा की बैठक हुई। बैठक में कलेक्टर रघुवंशी ने समय-सीमा के लंबित आवेदनों की समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के भेंट मुलाकात कार्यक्रम के दौरान जन चौपाल में प्राप्त आवेदनों तथा मुख्यमंत्री द्वारा भेंट मुलाकात में दिए निर्देशों पर सभी विभाग तत्काल कार्यवाही कर आवेदनों का निराकरण करना सुनिश्चित करें। इसके साथ ही मसाहती सर्वे उपरांत लाभान्वित होने वाले किसानों-ग्रामीणों को शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ देने अधिकारी पहल करें और उन्हें लाभान्वित करें। बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत देवेश कुमार ध्रवु, अपर कलेक्टर अभिषेक गुप्ता, एसडीएम जितेन्द्र कुर्रे, डिप्टी कलेक्टर वैभव क्षेत्रज्ञ, प्रदीप वैद्य, उपसंचालक कृषि बीएस बघेल, कार्यपालन अभियंता लोक निर्माण विभाग आरके शाक्या, कार्यपालन अभियंता जल संसाधन अजय चौधरी के अलावा अन्य विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।
बैठक में कलेक्टर रघुवंशी ने शासन की महत्वाकांक्षी योजना नरवा, गरूवा, गुरूवा और बाड़ी की बिन्दुवार विस्तृत समीक्षा की और अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिये। उन्होंने जिले में स्वीकृत देवगु़ड़ी की प्रगति की समीक्षा की। कलेक्टर ने जिला मुख्यालय स्थित बंधुआ तालाब सफाई कार्य की जानकारी ली और अधिकारियों को निर्देशित किया कि बारिश आने के पूर्व सभी सफाई संबंधित कार्य कर लिये जाये और इस काम को गंभीरता से लें। कलेक्टर ने जिले के अंदरूनी क्षेत्रों में पेयजल के स्त्रोतों की जानकारी ली और कहा कि सभी हैंडपंपों के समीप सोख्ता गड्डा निर्मित किया जाये, जिससे भूमिगत जल को बढ़ावा मिल सके। इसके साथ ही ऐसे हैंडपंप जिनमें क्लोराईड एवं आयरन की मात्रा जांच कर इसमें आवश्यकतानुसार शोधन यंत्र लगाये, ताकि ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल की पूर्ति हो सके। साथ ही ऐसे हैंडपंप जो खराब हो गये हैं, उनका तत्काल सुधार किया जाये। कलेक्टर ने जिले में धान उठाव की समीक्षा की और अधिकारियांे को निर्देशित किया कि आगामी धान खरीदी हेतु नये धान खरीदी केन्द्रों की स्वीकृति हेतु प्रस्ताव शीघ्र तैयार कर शासन को प्रेषित करें। कलेक्टर ने जिले में संचालित मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लीनिक योजना की समीक्षा की और अधिक से अधिक ग्रामीणों को लाभान्वित करने कहा। उन्होंने जिले में संचालित मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान की प्रगति की भी जानकारी ली और ओरछा विकासखंड में अधिक से अधिक जांच करने के अलावा अन्य बीमारियों का भी ईलाज करने के निर्देश दिये।