देव, गुरु, धर्म के प्रति सच्ची श्रद्धा ही जैनत्व है: युवाचार्य महेंद्र ऋषि

Posted On:- 2022-06-07



टैगोर नगर स्थित श्री लालगंगा पटवा भवन में प्रेरक प्रवचन

रायपुर (वीएनएस)। देव, गुरु और धर्म जैन धर्म के तीन प्रमुख तत्व हैं। इनके प्रति सच्ची आस्था और गहरी श्रद्धा ही जैनत्व है। यही हमें सही लक्ष्य प्रदान कराते हैं। जीवन को सही दिशा देते हैं। टैगोर नगर स्थित श्री लालगंगा पटवा भवन में मंगलवार को श्रमण संघ के युवाचार्य महेंद्र ऋषि म.सा. ने उपरोक्त विचार रखे।

उन्होंने कहा कि देव, गुरु और धर्म के प्रति सच्ची श्रद्धा ही समयकत्व है। जिस दिन आपने सम्यकत्व को प्राप्त कर लिया, उस दिन आपके जीवन को सही दिशा मिल जाएगी। आपके पास जो कुछ है, अरिहंत परमात्मा का दिया है। यदि अरिहंत पर हमारा गहरा विश्वास नहीं तो हमारे जैन होने का भी कोई मतलब नहीं है। मैने कई लोगों को अन्य जगहों पर मत्था टेकते देखा है। ऐसा करने से मैं मना भी नहीं करूंगा पर यह तो विचार करिए कि क्या आप अपने परमात्मा के सामने श्रद्धा से शीश झुका रहे हैं। जिस दिन सच्ची श्रद्धा और आस्था जागृत हो गई, उस दिन आपका जीवन भी आनंद से परिपूर्ण हो जाएगा।

सोशल और प्रोफेशनल लाइफ में प्रोटोकॉल का पालन करना जरूरी : संतश्री ने कहा कि सोशल और प्रोफेशनल लाइफ में प्रोटोकाल का पालन करना बेहद अनिवार्य है। अभी कई लोगों को देखता हूं जो देव स्थानों और साधु-साध्वियों की धर्मसभा में भी जींस वगैरह पहनकर चले जाते हैं। इन स्थानों की भी अपनी मर्यादा है जिसका पालन किया जाना चाहिए। धर्म ने भी हमारी मर्यादाएं तय की हैं जिनका लोग लगातार उल्लंघन करते हैं। रात्रि भोज का त्याग करें। मुखपत्ती लगाएं। अभी कोरोनाकाल में मास्क ही जीवनरक्षक था। हमारे यहां तो ऐसी व्यवस्थाएं सदियों से हैं जिनका पालन करके आप स्वयं भी सुरक्षित रह सकते हैं और दूसरों को भी नुकसान पहुंचाने से बच सकते हैं। जीव दया, करूणा और अहिंसा… मुखपत्ती लगाने से इन तीनों उद्देश्यों की पूर्ति हो जाती है।

बच्चे सीख रहे संस्कार, महिलाएं पूजन अनुष्ठान : रायपुर श्रमण संघ के अध्यक्ष ललित पटवा ने बताया कि परमपूज्य गुरुदेव युवाचार्य महेंद्र ऋषि म.सा., हिंतेंद्र ऋषि म.सा., साध्वी सन्मति म.सा. आदि ठाणा-5 के मागदर्शन में प्रतिदिन श्री लालगंगा पटवा भवन में शिविर लगाया जा रहा है जहां बच्चों को संस्कार सिखाए जा रहे हैं। महिलाओं को धार्मिक रीति-रिवाज सिखाए जा रहे हैं। पुरुषों के लिए रात्रिकालीन ज्ञान चर्चा का आयोजन भी किया जा रहा है। 11 जून तक गुरुदेव प्रतिदिन सुबह 8.45 से 9.45 बजे तक प्रेरक प्रवचनों के जरिए समाज का मार्गदर्शन करेंगे।