धमतरी (वीएनएस)। बच्चों में स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए नए शिक्षा सत्र के पूर्व उनका समय पर इलाज के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम (चिरायु) कार्यक्रम आज आयोजित किया गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.डी.के.तुरे ने बताया कि चिरायु दलों द्वारा विभिन्न कैटेगरी के तहत चिन्हांकित शून्य से 18 वर्ष तक के बच्चों के लिए हृदय एवं न्यूरो रोग जांच एवं परामर्श शिविर लगाया गया। इसमें आयुष्मान भारत में अनुबंधित निजी अस्पताल के विशेषज्ञ चिकित्सक हृदय रोग विशेषज्ञ और न्यूरो सर्जन द्वारा 68 बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण व उपचार किया गया। बताया गया कि जिले मंे 10 चिरायु दलों द्वारा चिन्हांकित हृदय रोग के 26 और एनआरसी के 10 बच्चों का ईको जांच कराया गया, जिसमें से 19 बच्चों का अग्रिम इलाज हेतु उच्च संस्थान में संदर्भित किया गया। इसी तरह मिर्गी विकास के 4, मानसिक विकार के 6, दृष्टि दोष के 7, न्यूरो मोटर के 6, श्रवण दोष के 3, जन्मजात बधिरता, त्वचा रोग, दंत विकार, मोटर डिले और सर्जरी के 1-1 बच्चे को लाभान्वित किया गया।
जिला नोडल अधिकारी डॉ.विजय फूलमाली ने बताया कि जिन बच्चों को द्वितीयक एवं तृतीयक स्तर पर इलाज और सर्जरी की आवश्यकता है, उन्हें शासन द्वारा अनुबंधित अस्पताल में निःशुल्क उपचार की व्यवस्था की जाएगी। जिले के पोषण पुनर्वास केन्द्र में भर्ती गंभीर कुपोषित बच्चों मंे हृदय रोग की संभावना के दृष्टिगत शिविर में 10 बच्चों की ईको जांच की गई, जिसमें उक्त बच्चों में किसी तरह का हृदय रोग नहीं पाया गया। ज्ञात हो कि जिले में 10 चिरायु दल स्कूल और आंगनबाड़ी बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण करती है तथा जरूरतमंद बच्चों का उपचार शासन द्वारा निःशुल्क कराया जा रहा है। चिन्हांकित गंभीर बच्चों का निःशुल्क उपचार मेडिकल कॉलेज तथा अनुबंधित निजी चिकित्सालयों में किया जा रहा है। जिला प्रशासन ने छूटे हुए बच्चों का ऑपरेशन एवं इलाज जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही चिरायु कार्यक्रम के बेहतर क्रियान्वयन, कार्यक्रम की अपेक्षित सफलता व गुणवत्ता बढ़ाने आगामी समय में स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर चिन्हांकित बच्चों का इलाज करने के निर्देश दिए हैं।