दंतेवाड़ा को मिला डीएसडीपी का अवार्ड फार एक्सीलेंस

Posted On:- 2022-06-10



दन्तेवाड़ा (वीएनएस)। दंतेवाड़ा जिला को कौशल विकास के क्षेत्र में राष्ट्रीय अवार्ड से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार शुक्रवार को नई दिल्ली के जनपथ रोड स्थित डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित समारोह के दौरान दिया गया। कार्यक्रम में दंतेवाड़ा सीईओ आकाश छिकारा को सेक्रेटरी कौशल विकास और उद्यमशीलता राजेश अग्रवाल तथा ज्वाइंट सेक्रेटरी कौशल विकास और उद्यमशीलता अनुराधा वेमुरी की मौजूदगी में अवॉर्ड दिया गया। आपको बता दें कि इस अवार्ड के लिए छत्तीसगढ़ राज्य से दो जिलों दंतेवाड़ा, महासमुंद का चयन किया गया था। दंतेवाड़ा जिले में कौशल विकास और उद्यमशीलता के क्षेत्र में नवाचार और स्वरोजगार की दिशा में बेहतर प्रदर्शन के लिए दंतेवाड़ा जिला को अवार्ड फार एक्सीलेंस पुरस्कृत किया गया। दंतेवाड़ा कलेक्टर दीपक सोनी के मार्गदर्शन में जनजातीय आदिवासी बहुजन क्षेत्र होने पर भी इन क्षेत्रों में बेहतर क्रियान्वयन हेतु विभिन्न कार्यक्रम चलाये गये। जिसके तहत जिले के विकास में आज लोग स्वावलम्बन का अवसर प्राप्त कर अपनी भूमिका निभा रहे हैं।

छत्तीसगढ़ के माननीय मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के मंशानुरूप जिले में गरीबी उन्मूलन के तहत पूना माड़ाकाल दन्तेवाड़ा का सपना साकार हो रहा है। इसके लिए कलेक्टर दीपक सोनी के निर्देशन में जिले में लोगों को रोजगार, स्वरोजगार से जोड़ने सर्वप्रथम बेसलाइन सर्वे किया गया। जिसमें अति निम्न वर्गीय, मध्यम वर्गीय परिवारों का चिन्हांकन किया गया। तत्पश्चात अनुकरणीय पहल से दंतेवाड़ा जिले के लोगों के लिए रोजगार के क्षेत्र में किए जा रहे विशेष प्रयासों के बदौलत आज लोगों को आजीविका से जोड़ उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूती प्रदान की गई है। श्री सोनी के नेतृत्व में अनवरत प्रयास किये जा रहे हैं। जिसका लाभ ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले निवासियों को मिला।

कलेक्टर श्री सोनी के मार्गदर्शन में रोजगार सृजन कर लोगों को व्यवसाय से जोड़ उनको गरीबी उन्मूलन के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के साधन उपलब्ध कराए गए हैं। जिससे रोजगार से जुड़े लोग अन्य लोगों को भी उद्यमिता के क्षेत्र में प्रोत्साहित कर रहे हैं। पूना माड़ाकाल दंतेवाड़ा के तहत क्षेत्र में श्री सोनी द्वारा जिले में किए गए प्रयासों के कारण जिले में इस क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य हुए। गरीबी उन्मूलन के क्षेत्र में कई नवाचारों को दंतेवाड़ा जिले ने अपनाया है और आज उस पथ की ओर अग्रसर हैं जहाँ जागरूकता के साथ लोग स्वरोजगार से जुड़ आत्मनिर्भरता की ओर आगे बढ़ रहे हैं। इससे स्थानीय आदिवासियों का जीवनस्तर सुधर रहा है। साथ ही ग्रामवासियों के सामाजिक एवं व्यावहारिक जीवनशैली में भी परिवर्तन नज़र आ रहा है। रोजगारोन्मुखी कार्यक्रमों के तहत सूक्ष्म उद्यमिता प्रशिक्षण पर जोर देकर विभिन्न व्यवसायिक क्षेत्र में स्वतंत्र रूप से उद्यम स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। जिससे अब हर परिवार समृद्ध हो रहा है। कौशल विकास और उद्यमिता के क्षेत्र में श्री सोनी द्वारा किये गए महत्वपूर्ण प्रयास ही हैं जिनका परिणामस्वरूप जिले की दृष्टि दशा ही बदल दी है। वर्तमान में दंतेवाड़ा जिला लगातार विकास के नए-नए आयाम को छू रहा है। विकास की सीढ़ी पर चढ़ने से नये रास्ते और तरक्की के साथ पूना माड़ाकाल दंतेवाड़ा का सपना साकार हो रहा है।

आदिवासी बहुल जनता के गरीबी उन्मूलन के लिए नवाचारों का प्रयोग डेनेक्स ने बढ़ाया दन्तेवाड़ा का गौरव : मुख्यमंत्री के द्वारा गरीबी उन्मुलन के विभिन्न योजनाओं में से जिला प्रशासन ने महिला आत्मनिर्भता हेतु नवा दन्तेवाड़ा गारमेन्ट फैक्ट्री की शुरूआत 31 जनवरी 2021 को गीदम विकासखण्ड के ग्राम पंचायत हारम में की गई है। जिले के विकासखण्ड कटेकल्याण, बारसूर में डेनेक्स की अन्य यूनिट स्थापित की गई है। जिसमें 770 से ज्यादा लोगों को रोजगार मिला है। जल्द ही जिले के छिंदनार में डेनेक्स की अन्य यूनिट स्थापित की जा रही है। चारों डेनेक्स में 1200 परिवारों को रोजगार देने का लक्ष्य है। गारमेन्ट फैक्ट्री से तैयार कपड़ो का विक्रय पूरे देश में कश्मीर से कन्याकुमारी तक हो रहा है। अब तक 41 करोड़ की राशि का 6 लाख 85 हजार के कपड़े विक्रय किया जा चुका है।

ग्राम स्वरोजगार केंद्र से स्थानीय बेरोजगार युवाओं को मिल रहा रोजगार : जिला प्रशासन ने एक अनूठी परिकल्पना ‘‘ग्राम स्वरोजगार’’ पर कार्य करना प्रारंभ किया हैै। जिला प्रशासन द्वारा गांव के अप्रशिक्षित बेरोजगारों को उनके रुचि एवं ग्राम की आवश्यकता अनुरुप विभिन्न तरह के दैनिक जरूरतों के दुकान जैसेः-किराने की दुकान, सायकल-मोटर सायकल की दुकान, नाई की दुकान, कम्प्यूटर-फोटोकॉपी तथा मोबाईल रिपेयर की दुकान, टी.वी रिपेयर की दुकान सब्जी की दुकान आदि स्वरोजगार हेतु प्रशिक्षण करवाया तथा स्वरोजगार हेतु आवश्यक सहयोग राशि एवं जिला प्रशासन की विभिन्न योजनाओं के द्वारा उपलब्ध करवायी जा रही है। जिला प्रशासन के ‘ग्राम स्वरोजगार’ योजना का लाभ ग्रामीणों को मिल रहा है उनकी दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति उनके गांव में हो रही है तथा बेरोजगारों को ‘स्वरोजगार’ के रुप में आर्थिक लाभ प्राप्त हो रहा है। इस योजना से जिले के 133 ग्राम पंचायतों के कुल 417 हितग्राहियों को लाभांवित किया जा चुका है। अब तक 0 प्रतिशत ब्याज पर 1 करोड़ 98 लाख 95 हजार रूपये की राशि प्रदान किया गया है।

माँ दन्तेश्वरी मार्ट के माध्यम से आजीविका से जुड़ महिलाएं हो रही सशक्त :  दंतेवाडा जिला में स्व-सहायता समूहों द्वारा निर्मित सामग्री तथा दैनिक उपयोग में आने वाली समान सुपोषण अभियान, स्कूल, पोटाकेबिन तथा आश्रम छात्रावास में गुणवत्ता युक्त एवं सस्ती दर पर समान उपलब्ध करवाने व स्व-सहायता समूह की दीदियों को रोजगार से जोड़ने हेतु जिला प्रशासन के सहयोग से 08 जून 2020 को मॉ दंतेश्वरी मार्ट का शुभारंभ किया गया। माँ दंतेश्वरी मार्ट दंतेवाड़ा जिले के चारों विकासखण्डों में कुल 14 मार्ट संचालित हैं, जिसमें 73 महिलाएं कार्यरत है जिससे 841 परिवारों को लाभ मिल रहा है अब तक 1 करोड़ 50 लाख 27 हजार 428 का विक्रय किया जा चूका है।

जिला प्रशासन की मदद से दीदियों की जिंदगी ने पकड़ी रफ्तार : माँ दंतेश्वरी मार्ट के माध्यम से लोंगो को ई-रिक्शा के द्वारा सामानों का घर पहुंच सेवा प्रदाय किया जा रहा है, माँ दंतेश्वरी मार्ट के संचालन से ई-रिक्शा चलाने वाली दिदियों को अतिरिक्त लाभ का साधन बन गया है। इस कार्य से महिला स्व-सहायता समूह व ग्राम संगठनों के दिदियों को आजीविका संबंधी कार्य एवं व्यवसाय करने का अच्छा अनुभव प्राप्त हो रहा है।

पूना माड़ाकाल सेल की स्थापना से रोजगार के अवसरों को मिल रहा बढ़ावा : जिले मे पूना माड़ाकाल सेल के तहत स्वरोजगार तथा रोजगार के अनगिनत अवसर प्रदान किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में आम नागरिकों की सामाजिक आर्थिक दशा को सुधारने के लिए विशेष रूप से कार्य किये जा रहे है। जिले के समस्त विकासखण्ड पर गठित पूना माड़ाकाल सेल के तहत बेरोजगारों को सतत आजीविका उपलब्ध कराया जा रहा है जिससे तहत इच्छुक हितग्राहियों जो रोजगार, स्वरोजगार से जुड़ना चाहते है उन्हें उनका पंसदीदा कार्य देकर उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार लाने का प्रयास किया जा रहा है। अब तक पूना माड़ाकाल सेल के तहत प्राप्त आवेदनों में से 707 आवेदनों का निराकरण किया जा चुका है। जिसके तहत पात्र हितग्राहियों को उनकी मांग अनुसार कार्य जैसे मछली पालन हेतु बीज प्रदाय, सब्जी बीज प्रदाय, डबरी निर्माण, भूमि समतलीकरण, कुआं निर्माण, तालाब निर्माण, तार जाली, बोर खनन, बाड़ी विकास योजना तहत बोर खनन, सोलर पंप, सिलाई मशीन, स्वरोजगार हेतु ऋण प्रदाय, सब्जी दुकान, किराना दुकान, मुर्गी पालन, पशु शेड निर्माण, शामिल हैं। ग्रामीणजन रोजगार प्राप्त कर अपनी आर्थिकी स्थिति को बेहतर बनाने के लिए अपनी मेहनत और लगन से कार्य कर रहे हैं।