भारतीय मूल्यों और संस्कृति के प्रतीक थे एस पी बालासुब्रमण्यम : उपराष्ट्रपति

Posted On:- 2022-06-11



नई दिल्ली (वीएनएस)। उपराष्ट्रपति, एम वेंकैया नायडू ने स्वर्गीय एस पी बालासुब्रमण्यम को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी सुरीली आवाज से न केवल मनोरंजन जगत पर राज किया, बल्कि वे भारतीय मूल्यों और संस्कृति के एक अवतार भी थे। वह हमेशा सभी के लिए प्रेरणा बने रहेंगे, खासकर युवा पीढ़ी के लिए। हैदराबाद में महान पार्श्व गायक के जीवन पर एक वृत्तचित्र और एक पुस्तक का विमोचन करते हुए, श्री नायडू, जिनका उनके साथ कई वर्षों से घनिष्ठ संबंध रहा है, ने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को भारतीय संस्कृति और रीति-रिवाजों से जोड़े रखना और उनका मार्गदर्शन कराना बालासुब्रमण्यम को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उपराष्ट्रपति ने पुस्तक की पहली प्रति प्रसिद्ध अभिनेता कमल हासन को सौंपी। उपराष्ट्रपति ने वृत्तचित्र निर्माता संजय किशोर और पुस्तक के लेखक पी एस गोपालकृष्ण को बधाई दी। उन्होंने तेलुगु पुस्तकों के प्रकाशन को बढ़ावा देने और कला और संस्कृति की रक्षा और प्रचार करने के लिए वारा प्रसाद रेड्डी की भी सराहना की। श्री नायडु ने कहा कि बालासुब्रमण्यम ने न केवल तेलुगु फिल्मी गीतों को वैश्विक पहचान दिलाई बल्कि भारतीय संस्कृति और तेलुगु भाषा को बनाए रखने और बढ़ावा देने के लिए युवा पीढ़ी को प्रेरित करने के लिए अथक प्रयास किया। उन्होंने कहा कि दिवंगत गायक एक बहुआयामी व्यक्तित्व थे। वह एक प्रसिद्ध पार्श्व गायक बनने के अलावा, एक संगीत निर्देशक, फिल्म निर्देशक और अभिनेता भी थे और उन्होंने हजारों युवाओं को अपना स्नेह और अपने लोकप्रिय टेलीविजन कार्यक्रमों के माध्यम से प्रोत्साहित किया।