धमतरी (वीएनएस)। कांग्रेस के नव संकल्प शिविर में रविवार को कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और कुछ जिम्मेदार पदाधिकारियों ने अपनी भड़ास निकालते हुए कहा कि कांग्रेस शासनकाल में ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं की उपेक्षा हो रही है। जिसे समय रहते सुधारा जाए अन्यथा इसका नुकसान आगे उठाना पड़ सकता है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि सभी एकजुटता बनाए रखें। राजीव भवन में कांग्रेस के दिग्गज नेताओं की उपस्थिति में नव संकल्प शिविर का आयोजन बंद हॉल में किया गया जिसमें कांग्रेस कार्यकर्ताओं के अलावा बाहरी लोगों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंध रहा। शिविर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को नव संकल्प शिविर के आयोजन के उद्देश्यों की जानकारी दी गई। राजस्थान के उदयपुर में सम्पन्न पार्टी के राष्ट्रीय नव संकल्प शिविर में लिये गये महत्वपूर्ण संगठनात्मक निर्णय की जानकारी कार्यकर्ताओं को दी गई। शिविर में कांग्रेस के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं को बारी-बारी से मंच में बुलाकर विचार व्यक्त करने का मौका दिया गया। जिसमें अधिकांश कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों ने अपनी भड़ास निकाली। कार्यकर्ताओं का कहना था कि संगठन में उन्हें पद तो आबंटित कर दिया गया है लेकिन उनकी पूछपरख नहीं होती। ऐसे में पदाधिकारी बनाने का औचित्य क्या है? अगर पदाधिकारी बनाया गया है तो उनसे सलाह मशविरा कर काम भी लिया जाना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं होता। जिससे वे ठगा महसूस करते हैं। अलग-अलग क्षेत्रों से आए कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ताओं का कहना था कि विधानसभा चुनाव नजदीक है। कुछ क्षेत्रों में कार्यकर्ताओं की नाराजगी के कारण कांग्रेस की स्थिति चिंताजनक है। अगर समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो चुनाव में विपरीत स्थितियों का सामना करना पड़ सकता है। विधानसभा चुनाव 2018 में धमतरी, कुरूद क्षेत्र से विधानसभा चुनाव क्यों हारे, इसके बारे में भी कार्यकर्ताओं ने अपने-अपने विचार रखे। कांग्रेस के कुछ नेताओं ने उदाहरण देते हुए बताया कि कांग्रेस शासनकाल में कांग्रेस कार्यकर्ताओं का ही काम नहीं हो रहा है, जो चिंता का विषय है। हालांकि वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि सभी एकजुटता बनाए रखें। शिविर में जिले के प्रभारी मंत्री अनिला भेडिय़ा, सिहावा विधायक लक्ष्मी ध्रुव, अभनपुर विधायक धनेन्द्र साहू, नागरिक आपूर्ति निगम अध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष एवं धमतरी जिला प्रभारी बिरेश ठाकुर, कांग्रेस जिलाध्यक्ष शरद लोहाना, पूर्व विधायक गुरूमुख सिंह होरा, अंबिका मरकाम, दुग्ध महासंघ अध्यक्ष विपिन साहू, नगर निगम महापौर विजय देवांगन, कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष मोहन लालवानी, जिला पंचायत अध्यक्ष कांति सोनवानी, लक्ष्मीकांता साहू, राजेन्द्र लुंकड़, नीलम चंद्राकर, राजकुमारी दीवान, शशि गौर, सूर्यप्रभा चेटियार, पंकज महावर, विजय गोलछा, आलोक जाधव, भरत नाहर, ब्लाक अध्यक्ष ईश्वर देवांगन, आकाश गोलछा, गोपाल शर्मा, मदन मोहन खंडेलवाल, कीर्ति शाह, नरेश जसुजा, योगेश लाल, राजेन्द्र साहू, तनवीर कुरैशी, अशरफ रोकडिय़ा, वीरेन्द्र कोसरिया, तपन चंद्राकर, हेमंत साहू, रमेश पाण्डे, हरमिंदर छाबड़ा, देवेन्द्र आजमानी, प्रकाश पवार, नजीर अहमद सिद्दीकी, डॉ. विजय प्रकाश जैन, आशीष थिटे, द्वारिका तारक, चंदूलाल साहू, गौरीशंकर पाण्डे, रामनाथ यादव, होरीलाल यादव, आशुतोष खरे, अरविंद दोशी, सलीम गौस, गजेन्द्र कुंभकार, चंद्रकला नेताम, देवेन्द्र जैन, घनश्याम साहू, लखन लाल ध्रुव, कैलाश प्रजापति, भूषण साहू, वीणा देवांगन, करण चंद्राकर, बलवंत राव, आशीष बंगानी, सलीम रिजवी, घामेश्वरी साहू, संजय देवांगन, युवराज शर्मा, प्रमोद साहू, विशाल शर्मा, सुधीर बल्लाल, राहुल बख्तानी, मुकेश कोसरे, डीहूराम साहू, आशीष शर्मा, सोमेश मेश्राम, गोविंद साहू, तुषार जैस, अरूण चौधरी, सतपाल अग्रवाल, तिलकराज सोनकर, शारदा साहू, रजत जसुजा, संदीप वर्मा, सलीम रोकडिय़ा, कमलेश सोनकर, नारायण यादव, उमेश देव, शरीफ रोकडिय़ा, अनिता ठाकुर, राजू सोम, दीपक सोनकर, ज्योति वाल्मीकि, पीयूष पाण्डे, हेमंत साहू, कविता बाबर, रोशनी पवार, नूर मोहम्मद मेमन, विसाखा बाई, गैंदलाल साहू आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे।