
नई दिल्ली (वीएनएस)। नेशनल हेराल्ड प्रकरण से जुड़े सवालों का जवाब देने के लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी ईडी के दफ्तर पहुंच गए हैं। वहीं कांग्रेस पार्टी के समर्थक देशभर में प्रदर्शन करके इसका विरोध कर रहे हैं। हालांकि, पुलिस ने दिल्ली में प्रदर्शन की मंजूरी नहीं दी है।
नेशनल हेराल्ड केस में राहुल गांधी पूछताछ के लिए ईडी दफ्तर पहुंच चुके हैं। उनके साथ प्रियंका गांधी भी मौजूद हैं। ईडी दफ्तर के बाहर कांग्रेसी नेता डटे हुए हैं। कई वरिष्ठ नेता भी बाहर मौजूद हैं। राहुल के ईडी के सामने पेश होने से पहले उनके जीजा और बिजनेसमेन रॉबर्ट वाड्रा ने एक भावुक पोस्ट लिखी है। उन्होंने लिखा कि आप निःसंदेह सभी निराधार आरोपों से बरी होंगे। मैं प्रवर्तन निदेशालय के साथ सम्मन का 15 बार सामना कर चुका हूं, और हर सवाल का जवाब दिया है और 23,000 से अधिक दस्तावेजों को वितरित किया है। मेरी पहली कमाई से लेकर अब तक का। उन्होंने आगे लिखा कि मेरा मानना है कि, "सत्य की जीत होगी", और प्रचलित व्यवस्था के इन उत्पीड़न का वह प्रभाव नहीं होगा जो वे चाहते हैं। यह सरकार देश के लोगों को उत्पीड़न के इन तरीकों से नहीं दबाएगी, यह हम सभी को मजबूत इंसान ही बनाएगी। हम यहां हर दिन सच्चाई के लिए लड़ने के लिए हैं और देश के लोग हमारे साथ खड़े हैं।
केंद्र सरकार कांग्रेस नेताओं को डराने की कोशिश कर रही : भूपेश बघेल राहुल गांधी की ईडी के सामने पेशी से पहले छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल कांग्रेस मुख्यालय पहुंचे हैं। मीडिया से चर्चा में उन्होंने कहा, 'केंद्र सरकार, सरकारी संस्थाओं के माध्यम से कांग्रेस के नेताओं को डराने की कोशिश कर रही है। हम डरने वाले नहीं हैं। कांग्रेस के कार्यकर्ता जमीनी स्तर पर केंद्र की सरकार द्वारा की जा रही नफरत और डर की राजनीति को जनता तक पहुंचाएंगे। कांग्रेस, केंद्र सरकार द्वारा बढ़ाई गई महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को आम जनता तक पहुंचाएगी।'
जब-जब पीएम मोदी डरते हैं वे पुलिस को आगे करते हैं: दिग्विजय सिंह कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि जब-जब भाजपा और मोदी डरते हैं वे पुलिस को आगे करते हैं। आगे हम जनता की लड़ाई लड़ेंगे। ये केस है ही नहीं... कोई FIR है क्या? यह केस तो मोदी सरकार ने 2014 में शुरू किया और उन्हीं की सरकार ने बिना कोई प्रमाण मिले केस को समाप्त कर दिया।
विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास: हरीश रावत उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता हरीश रावत ने कहा कि ये पूरी तरह से विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास है। हम इस प्रयास के ख़िलाफ लड़ेंगे। एक प्रकार से ये देश की दूसरी आजादी की जंग है। ये चाहे हमें जेल में डाल दे लेकिन हम इस अन्याय के खिलाफ आवाज उठाएंगे। उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस अपने नेता के ऊपर हो रहे अन्याय के ख़िलाफ नहीं लड़ सकती है तो जो देश की जनता के ऊपर जो अन्याय हो रहा है उसके ख़िलाफ कैसे लड़ेंगे।