रायगढ़ (वीएनएस)। छत्तीसगढ़ प्रदेश भाजपा मंत्री ओपी चौधरी के खिलाफ किए गए झूठे एफआईआर के विरोध में विगत रविवार को रायगढ़ के सुभाष चौक में किए गए आंदोलन से डरकर जिले के भाजपा नेताओं एवं कार्यकर्ताओं के विरुद्ध सिटी कोतवाली थाना में अपराध दर्ज कर विपक्ष की आवाज को कुचलने का प्रयास किया जा रहा है।
जिसके विरोध में आज सरिया मण्डल भाजपा ने अटल चौक सरिया में भूपेश सरकार के खिलाफ जबरदस्त विरोध प्रदर्शन कर जमकर नारेबाजी की। इस दौरान पहले से रणनीति के तहत पुलिस को दूर रखा गया था लिहाजा मुख्यमंत्री का पुतला दहन करने में भाजपा कार्यकर्ता सफल रहे।
बता दें कि कोयले के काले कारोबार से जुड़ा एक विडियो भाजपा नेता ओपी चौधरी ने अपने ट्विटर हैंडल से पोस्ट किया था विडियो में इंगित हो रहा था कि कोरबा के कोयला खदान में कोयले की चोरी हो रही है तब जाके शासन प्रशासन की नींद खुली और उन्होंने इस मामले को संज्ञान में लिया और तत्काल दो निरीक्षक को निलंबित किया था वहीं अन्य जिन लोगों की उसमें संदिग्ध भूमिका थी उनके खिलाफ कार्रवाई किया।उसके बाद कुछ दिनों के पश्चात जानबूझकर जो व्यक्ति उक्त कोयला चोरी का प्रकरण सोशल मीडिया के माध्यम से उजागर किया उसी व्यक्ति के खिलाफ दुर्भावनावश एफआईआर दर्ज कराई जा रही है।
इसके बाद पूरे प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी विरोध प्रदर्शन कर रही है। इसी क्रम में रायगढ़ जिला भाजपा द्वारा रायगढ़ शहर के सुभाष चौक में विगत रविवार को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का पुतला दहन और सांकेतिक चक्काजाम किया गया था।
मौके पर सरिया मण्डल भाजपा अध्यक्ष परदेशी प्रधान महामंत्री द्वय चूड़ामणि पटेल एवं राधामोहन पाणिग्राही ने कहा कि लोकतंत्र में जनता के आवाज को उठाने का अधिकार सबके पास होता है। ओपी जी ने कोयले के काले कारनामों को बेपर्दा करने प्रदेश हित में बड़ी भूमिका निभाई है। कोयला चोरी की उस विडियो में ओपी के खिलाफ एफआईआर से ज्यादा महत्वपूर्ण ये है कि उक्त विडियो की सत्यता को जांच कर कोयला चोरों पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए लेकिन भूपेश सरकार इस प्रकार की गैर जिम्मेदाराना कृत्य करके कहीं न कहीं कोयला चोरों को शह देने में तुली हुई है।
इस आंदोलन में जिला भाजपा कार्यसमिति सदस्य सेवकराम पटेल, मण्डल भाजपा अध्यक्ष परदेशी प्रधान, महामंत्री द्वय चूड़ामणि पटेल एवं राधामोहन पाणिग्राही, राधाकांत देहरी, जुगल किशोर अग्रवाल, शुकदेव दुआन, पवन साहू, दशरथ साहू, लोकनाथ नायक, संतोष मराठा, मिलन राणा, सुरेश पटेल, पूर्णचंद प्रधान, सुरेन्द्र प्रधान, श्याम चौहान, रामलाल ठाकुर, भीम निषाद, मुकेश चौबे, रत्नाकर प्रधान, टेकराम पटेल, महेश पटवा, गोवर्धन निषाद, संतराम चौहान, सौदागर यादव, भुवनेश्वर प्रधान, अनंतराम पटेल, नारायण प्रधान, जगदीश साहू, वृन्दावन प्रधान, मित्रभानू मालाकार समेत अन्यान्य मौजूद थे।