मुलायम की बहू और भाजपा नेता अपर्णा यादव को मिले जान से मारने की धमकी...

Posted On:- 2022-06-15



लखनऊ (वीएनएस)। सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव परिवार की बहू और भाजपा नेता अपर्णा यादव को वाट्स एप कॉल के जरिए एक व्यक्ति ने जान से मारने की धमकी दी है। धमकी देने वाले ने कहा कि कहा कि 72 घंटे में उड़ा देंगे। धमकी से अपर्णा का पूरा परिवार सकते में आ गया है। मामले को लेकर डीसीपी मध्य के मुताबिक तहरीर मिल गई है। मुकदमा दर्ज किया जा रहा है।

लखनऊ में भाजपा नेता अपर्णा यादव को जान से मारने की धमकी की सनसनीखेज खबर आने के बाद से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। पुलिस की पड़ताल में पता चला है कि भाजपा नेता को वाट्सएप पर जिस नंबर से काल आई थी वह अज्ञात थी। पुलिस फोन पर आए नंबर और फोन करने वाले की तलाश में जुट गई है। भाजपा नेता को धमकी के बाद अब गौतमपल्ली थाने में मुकदमा दर्ज करने के लिए तहरीर दी गई है।

आठ विक्रमादित्य मार्ग पर रहने वाले सरकारी पीएसओ दिलीप सिंह ने गौतमपल्ली थाने में तहरीर देकर बताया कि बुधवार शाम 4:11 बजे अपर्णा यादव के नंबर पर पहले एक मिस्ड काल आयी। जो वह उठा नहीं पायीं। उसके बाद वाट्सएप काल आयी। फोन रिसीव किया गया तो फोन करने वाले व्यक्ति ने धमकी देते कहा कि तीन दिन के अंदर एके-47 से तुम्हारी हत्या कर दूंगा। इस बात को गंभीरता से लो और नोट कर लो। फिर उसने अपशब्द कहे और फोन काट दिया। पीएसओ ने मामले की जानकारी पुलिस अधिकारियों और गौतमपल्ली थाने को दी।

इसके बाद पुलिस अधिकारियों ने अपर्णा से घटनाक्रम का सारा ब्योरा लिया। डीसीपी मध्य अपर्णा रजत कौशिक ने बताया कि भाजपा नेत्री अपर्णा यादव ने किसी रंजिश से इनकार किया है। सर्विलांस समेत पुलिस की कई टीमें नंबर की पड़ताल और लोकेशन की ट्रेस करने के लिए लगाई गई हैं। जल्द ही धमकी देने वाले को गिरफ्तार किया जाएगा। अपर्णा यादव की सुरक्षा में तैनात पुलिस कर्मियों को पुलिस अधिकारियों ने सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही उन्हें हिदायत भी दी है।

बता दें कि भाजपा नेता अपर्णा बिष्ट यादव, मुलायम सिंह यादव दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के बेटे प्रतीक यादव की पत्नी हैं। उन्होंने विधानसभा चुनाव से ठीक पहले सपा छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया था। यूपी बीजेपी अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने उन्हें पार्टी में शामिल कराया था। वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नीतियों से प्रभावित होकर भाजपा में शामिल हुई थीं।