नई दिल्ली (वीएनएस)। विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने कहा है कि भू-राजनीतिक चुनौतियों और अनिश्चितताओं को देखते हुए आज आसियान की भूमिका पहले से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण है। दिल्ली में आसियान देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में डॉ जयशंकर ने कहा कि संगठन ने इस क्षेत्र में अपने लिए एक जगह बनाई है और भारत-प्रशांत क्षेत्र में विकसित रणनीतिक और आर्थिक क्षेत्र के लिए एक आधार प्रदान किया है।
डॉक्टर जयशंकर ने कहा कि आसियान हमेशा क्षेत्रवाद, बहुपक्षवाद और वैश्वीकरण के प्रतीक के रूप में खड़ा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत एक मजबूत, एकीकृत और समृद्ध आसियान का पूरी तरह से समर्थन करता है, जिसकी भारत-प्रशांत क्षेत्र में प्रमुखता पूरी तरह से मान्यता प्राप्त है।
विदेश मंत्री ने कहा कि यह खुशी की बात है कि आसियान-भारत विदेश मंत्रियों की पहली व्यक्तिगत बैठक हो रही है। उन्होंने कहा कि भू-राजनीतिक बाधाओं के कारण यह रास्ता और भी कठिन हो गया है, जिसका सामना सभी को यूक्रेन में उत्पन्न घटनाक्रम के कारण करना पड़ा। डॉक्टर जयशंकर ने आशा व्यक्त की कि आसियान विकेन्द्रीकृत वैश्वीकरण और लचीला तथा विश्वसनीय आपूर्ति श्रृंखलाओं को बढ़ावा देने के लिए अच्छी तरह से काम करेगा।