रायगढ़(वीएनएस)। 16 जून से स्कूलों के दरवाजे खुल गए, छत्तीसगढ़ शासन स्कूल शिक्षा विभाग के निर्देश पर स्कूलों में बच्चों को तिलक लगाकर, मिठाई खिलाकर शाला प्रवेश उत्सव मनाया गया वही हाई एवं हायर सेकण्डरी स्कूलों में बच्चों को प्रवेश फार्म वितरित कर उन्हे नियमित छात्र के रूप में भर्ती करने की प्रक्रिया का श्रीगणेश किया गया। शाला प्रवेश उत्सव के अवसर पर विद्यालयों में प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एवं स्कूल शिक्षा मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम के संदेश का वाचन भी किया गया । छत्तीसगढ़ शासन स्कूल शिक्षा विभाग के निर्देश तथा जिला शिक्षा अधिकारी आर.पी.आदित्य के मार्गदर्शन पर स्कूलों में बच्चों को रंग गुलाल लगाकर स्वागत करते हुए - स्कूल आ पढ़े बर - जिनगी ला गढे बर ; हम सब ने ठाना है- रोज स्कूल आना है ; पढ़ना है पढ़ाना है- जीवन सफल बनाना है ; जैसे प्रेरक नारे लगाये गए। रायगढ़ जिला के पश्चिमांचल स्थित मांड नदी के किनारे स्थित स्कूल शासकीय उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय तारापुर में छात्र -छात्राओं को प्रेरित करते हुए शाला प्रबंध समिति के सदस्य कैलाश निषाद हेमचरण निषाद, इंद्रजीत निषाद एवं बालकों की उपस्थिति के बीच माध्यमिक खण्ड के प्रधान पाठक कुमार साहू, शिक्षिका सुधाबाला नायक, मनोज कुुुुमार के साथ व्याख्याता भोजराम पटेल, फणीन्द्र कुमार पटेल तथा रामेश्वर डनसेना इत्यादि शिक्षकों की उपस्थिति में छात्र - छात्राओं को गणवेश बांटी गई साथ में पाठ्य पुस्तक प्रदान करते हुए उन्हें मिठाई भी खिलाई गई । राष्ट्रीय सेवा योजना के जिला संगठक एवं व्याख्याता भोजराम पटेल द्वारा बच्चों को नियमित रूप से स्कूल आने, अपने गुरुजनों का सम्मान करने तथा ज्ञान प्राप्ति के लिए सदैव तत्पर रहने की सीख देते हुए उन्हें बताया गया कि जो पुस्तक आप को दिया जा रहा है उसका सदुपयोग करें सुरक्षित रखें साफ सुथरा रखें ताकि भविष्य में यह किसी और का भी काम आ सके । श्री पटेल ने कहा कि अपने गुरुजनों से डरे नहीं बल्कि उनका सम्मान करें तथा किसी भी प्रकार की जिज्ञासा व मन में सवाल हो तो उसे बेझिझक होकर शिक्षकों से पूछें तभी आप श्रेष्ठ विद्यार्थी बन सकते हैं । यह भी बताया गया कि शाला प्रवेश उत्सव का यह कार्यक्रम 16 जून से लेकर 15 जुलाई तक जारी रहेगा इस दौरान बच्चों के प्रवेश की प्रक्रिया एवं पुस्तक तथा गणवेश वितरण का कार्यक्रम स्कूलों में संचालित होगा।