शत्रु संपत्ति घोटाला मामले में सीबीआई ने चार प्राथमिकी दर्ज की, छापेमारी

Posted On:- 2022-06-17



नई दिल्ली (वीएनएस)। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने उत्तर प्रदेश में 71 हेक्टेयर से अधिक प्रमुख व्यावसायिक भूमि को तालाब के रूप में दिखाकर नाममात्र की दरों पर पट्टे पर देने के आरोप में शत्रु संपत्ति का प्रबंधन करने वाले अधिकारियों के खिलाफ चार प्राथमिकी दर्ज की है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कथित घोटाला शत्रु संपत्ति से संबंधित है, जिन्हें लखनऊ, बाराबंकी और सीतापुर में चीन और पाकिस्तान की नागरिकता लेने वालों ने छोड़ दिया था। शत्रु संपत्ति वर्तमान में भारत की शत्रु संपत्ति संरक्षक (सीईपीआई) के पास है। अधिकारियों ने कहा कि एजेंसी ने इस सिलसिले में दिल्ली, कोलकाता, उत्तर प्रदेश के लखनऊ, गाजियाबाद, नोएडा, बुलंदशहर और बाराबंकी में 40 स्थानों पर छापेमारी की। उन्होंने कहा कि केंद्रीय एजेंसी ने दिल्ली में भारत की शत्रु संपत्ति (सीईपीआई) के तत्कालीन कार्यवाहक संरक्षक समंदर सिंह राणा, उत्पल चक्रवर्ती, सहायक संरक्षक और रमेश चंद्र तिवारी, एक सेवानिवृत्त पर्यवेक्षक (दोनों लखनऊ में स्थित) के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 120-बी (आपराधिक साजिश), 420 (धोखाधड़ी) और 471 (जालसाजी) और रिश्वत से संबंधित भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया है। इसके अलावा, सीबीआई ने चार प्राथमिकी में 41 लाभार्थियों को भी आरोपी बनाया है - दो प्राथमिकी लखनऊ इकाई में जबकि दो अन्य प्राथमिकी गाजियाबाद इकाई में दर्ज की गई थी। सीईपीआई के पास निहित शत्रु संपत्ति उन भारतीयों की परित्यक्त संपत्ति है, जिन्होंने युद्ध के बाद चीन और पाकिस्तान की नागरिकता ले ली थी। सरकार ने इन संपत्ति को भारतीय रक्षा अधिनियम, 1962 के तहत उनके प्रवास और राष्ट्रीयता में परिवर्तन के बाद अपने कब्जे में ले लिया।