
नई दिल्ली (वीएनएस)। काबुल में गुरुद्वारे पर हमले के बाद भारत सरकार एक्शन मोड में आ गई है। हमले के 24 घंटे के बाद ही गृह मंत्रालय ने अफगानिस्तान में 100 से अधिक सिखों और हिंदुओं को प्राथमिकता के आधार पर ई-वीजा प्रदान किया है। जानकारी के अनुसार एमएचए ने हमले के बाद गहरी चिंता जताते हुए यह आदेश तभी दे दिया था। बता दें कि कल हुए हमले के बाद कई बड़े नेताओं के साथ विदेश मंत्री एस जयशंकर ने चिंता व्यक्त की थी।
काबुल में बीते दिन करता परवान गुरुद्वारे पर आतंकी हमला हुआ था। आतंकियों ने वहां दो बम विस्फोट किए थे और कई लोगों को भी बंधक बना लिया था। गुरुद्वारे में गोलीबारी के चलते इस हमले में दो लोगों की जान चली गई थी। इस हमले में गुरुद्वारे के एक ग्रंथी और गार्ड की मौत हो गई थी जबकि 7 घायल हुए थे।
इस्लामिक स्टेट ने ली हमले की जिम्मेदारी इस्लामिक स्टेट खुरासान प्रांत (ISKP) ने रविवार को काबुल में करते परवान गुरुद्वारा हमले की जिम्मेदारी ली है। ISKP ने एक बयान जारी कर हमले की जिम्मेदारी ली है। ISKP के मुताबिक, 'अबू मोहम्मद अल ताजिकी' ने इस हमले को अंजाम दिया जो तीन घंटे तक चला। समूह ने दावा किया कि हमले में सबमशीन गन और हथगोले के अलावा, चार आईईडी और एक कार बम का भी इस्तेमाल किया गया था।
पैगंबर मोहम्मद के अपमान का बदला आईएस ने आगे दावा किया कि हमले में लगभग 50 हिंदू सिख और तालिबान सदस्य मारे गए थे और यह हमला एक भारतीय राजनेता द्वारा पैगंबर मोहम्मद के अपमान का बदला लेने के लिए किया गया था। हालांकि, हमले में केवल दो लोग मारे गए और सात अन्य घायल हो गए।
दो बार किया गया बम विस्फोट बता दें कि अफगानिस्तान के काबुल शहर में शनिवार को ISKP के हमले में एक सिख व्यक्ति और एक मुस्लिम सुरक्षा गार्ड की मौत हो गई थी। जानकारी के अनुसार गुरुद्वारे के गेट के बाहर एक विस्फोट हुआ जिसमें यह लोग मारे गए। एक और विस्फोट बाद में परिसर के अंदर से सुना गया जिसके चलते गुरुद्वारे से जुड़ी कुछ दुकानों में आग लग गई थी।