नई दिल्ली (वीएनएस)। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने कहा है कि अग्निवीर अपने आप में कभी संपूर्ण सेना नहीं होंगे, क्योंकि सेना में और भी कई इकाइयां हैं। उन्होंने कहा कि जिन अग्निवीरों को नियमित किया जाएगा, उन्हें गहन प्रशिक्षण लेना होगा और लम्बा अनुभव हासिल करना होगा। एक समाचार एजेंसी के साथ विशेष साक्षात्कार में श्री डोभाल ने कहा कि इस परिप्रेक्ष्य में इस योजना को समझने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि अग्निपथ अपने आप में कोई अकेली योजना नहीं है।
श्री डोभाल ने कहा कि जब 2014 में नरेन्द्र मोदी सत्ता में आए, तो भारत को सुरक्षित और मजबूत बनाना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल था और इसके लिए अनेक रास्तों, अनेक उपायों और उन्हें व्यापक स्तर पर करने की आवश्यकता थी। श्री डोभाल ने कहा कि मोटेतौर पर इन्हें चार भागों में विभाजित किया जा सकता है। इसके लिए साधनों की आवश्यकता है, इसके लिए व्यवस्था और संरचना में परिवर्तन की आवश्यकता है, प्रौद्योगिकी में परिवर्तन की आवश्यकता है, श्रम शक्ति और भावी नीतियों में परिवर्तन की आवश्यकता है।
श्री डोभाल ने कहा कि अब युद्ध का पूरा परिदृश्य बदल रहा है, क्योंकि युद्ध में अब आमने-सामने टकराने की आवश्यकता नहीं होगी और हमें अदृश्य दुश्मन से युद्ध करना होगा। उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी तेजी से बदल रही है इसलिए कल की तैयारी के लिए हमें भी बदलने की आवश्यकता होगी। श्री डोभाल ने कहा कि सुरक्षा गतिशील परिकल्पना है और इसके लिए स्थिरवादी दृष्टिकोण नहीं अपनाया जा सकता। उन्होंने कहा कि बदलते वातावरण के संबंध में राष्ट्रीय हित और राष्ट्रीय परिसंपत्तियों को सुरक्षित किया जाना चाहिए।
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने कहा है कि अग्निपथ पूरी तरह से प्रशिक्षित और कुशल सेना के लिए एक क्रान्तिकारी योजना है। श्री डोभाल ने न्यूज चैनल को दिये एक विशेष साक्षात्कार में अग्निपथ योजना के बारे में मिथकों को दूर किया। उन्होंने कहा कि इस योजना से देश का सशस्त्र बल और भी मजबूत होगा। श्री डोभाल ने स्पष्ट किया कि अग्निवीर सबसे अनुशासित युवाओं में से होंगे और यह कदम समग्र संरचनात्मक सुधारों का एक हिस्सा है। अग्निवीर योजना को लेकर हो रही हिंसक घटनाओं पर उन्होंने कहा कि समाज में हिंसा और तोड़फोड़ के लिए कोई जगह नहीं है। श्री डोभाल ने कहा कि इस योजना से जुड़ी चिंताओं को दूर किया जा रहा है।