धमतरी (वीएनएस)।महिला एवं बाल विकास विभाग के तत्वावधान में आज सुबह फोस्टर केयर (पोषण देखरेख) विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें इसके उद्देश्य और बाल संरक्षण के संबंध में जानकारी दी गई। कलेक्टोरेट सभाकक्ष में कलेक्टर पी.एस. एल्मा की उपस्थिति में सुबह 11.00 बजे से कार्यशाला में फोस्टर केयर के उद्देश्य, इसके मूल सिद्धांत, प्रकार परिवर की चयन अर्हताएं, उपयुक्त सुविधाओं संबंधी अर्हताओं की जानकारी दी गई। इस दौरान डॉ. वसुंधरा ओमप्रेम ने बताया कि बच्चों के मानसिक व्यवहार और आदतों पर किए गए सर्वेक्षण के निष्कर्षों के आधार पर फोस्टर केयर व्यावहारिक पहलुओं के बारे में बताया, साथ ही उन्होंने उपस्थित लोगों से फीडबैक भी लिया गया। कार्यशाला में बताया गया कि फोस्टर केयर कार्यक्रम के तहत देखरेख एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बालकों को पारिवारिक वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वैकल्पिक अस्थायी रूप से परिवार प्रदान किया जाता है। इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया गया कि फोस्टर केयर के लिए पति-पत्नी दोनों को भारतीय नागरिक होना चाहिए एवं पति-पत्नी दोनों बालक अथवा बालिका को रखकर पालन-पोषण कर सकता है। उनकी आयु 35 वर्ष से अधिक होनी चाहिए तथा आय का पर्याप्त साधन हो। इसके अलावा फोस्टर केयर के विभिन्न पहलुओं पर विस्तारपूर्वक चर्चा कार्यशाला मंे की गई। इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती जगरानी एक्का, परियोजना अधिकारी शहरी एवं ग्रामीण, जिला बाल संरक्षक अधिकारी श्री पाठक, संरक्षण अधिकारी श्री यशवंत बैस एवं राजीव गोस्वामी सहित चाइल्ड लाइन, बालगृह, सखी वन स्टॉप सेंटर के अधिकारी मौजूद रहे।