निजी स्कूल बस संचालकों की बैठक मेॆ बच्चों की सुरक्षा को प्राथिमकता

Posted On:- 2022-06-24



राजनांदगांव (वीएनएस)। कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा एवं पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह ने आज जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय में जिले में संचालित निजी विद्यालयों के बस संचालकों की बैठक लेकर बच्चों की सुरक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी गाइडलाइन की जानकारी से विद्यालय संचालकों को अवगत कराया गया।

बैठक में कलेक्टर श्री सिन्हा ने कहा कि बच्चे की सुरक्षा प्राथमिकता से होनी चाहिए। बच्चे की सुरक्षा को लेकर किसी प्रकार की कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। किसी भी प्रकार से कोई चूक अथवा लापरवाही पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने कहा कि बच्चे की सुरक्षा बेहद ही संवेदनशील मुद्दा है। बच्चे की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्हें हर प्रकार से महफूज किया जाना अनिवार्य है। कलेक्टर ने कहा कि बच्चे की सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन के साथ ही पुलिस प्रशासन और निजी विद्यालयों के संचालकों की महती जिम्मेदारी है कि वे बच्चे को हर प्रकार से सुरक्षा मुहैया कराएं। कलेक्टर ने आगे कहा कि पालकगण विद्यालय के भरोसे अपने बच्चों को भेजते हैं। ऐसे में शाला प्रबंधक की महती जिम्मेदारी है कि वे बच्चों को सभी आवश्यक सुरक्षा मुहैया कराना सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने कहा कि सभी विद्यालय सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी नियमों और निर्देशों का पालन करने के साथ-साथ इन्हें व्यावहारिक रूप से अमल में लाएं।

कलेक्टर श्री सिन्हा ने कहा कि स्कूली बच्चों को बस में चढ़ाने और उतारने के लिए एक निश्चित स्टॉपेज का निर्धारण करें। उन्होंने कहा कि ऐसे जगह का चिन्हांकन करें जो बच्चों के लिए सुरक्षित हो। उन्होंने कहा कि सभी स्कूलों स्कूली बसों के फिटनेस की जांच कराई जाएगी। इसके लिए आने वाले समय में आरटीओ विभाग के द्वारा स्कूल बसों की जांच की जाएगी। इसके साथ ही स्कूल बस का परिचालन करने वाले वाहन चालक और परिचालक का चरित्र सत्यापन भी किया जाएगा। कलेक्टर ने कहा कि निजी विद्यालयों को बच्चों की सुरक्षा को बेहद गंभीरता से लेना होगा।

इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह ने कहा कि बच्चे की सुरक्षा सबसे अहम है। उन्होंने कहा कि कोई एक छोटी सी घटना से पूरे स्कूल की प्रतिष्ठा पर सवाल खड़ा हो जाता है। सभी निजी विद्यालयों को गाइडलाइन का पालन करने के साथ-साथ अपने स्तर पर बेहद सजगता से ध्यान रखना होगा। उन्होंने अपना सुझाव देते हुए कहा कि संवेदनशीलता के साथ स्कूल प्रबंधकों को बच्चों की सुरक्षा को लेकर विचार करना होगा। उन्होंने कहा कि सुरक्षा के दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए पूरे स्कूल परिसर को सीसीटीवी कैमरा की निगरानी में रखना चाहिए।

बैठक में सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी गाइडलाइन की जानकारी दी गई। बैठक में बताया गया कि प्रत्येक स्कूल बस को छत्तीसगढ़ मोटर यान नियम और उप नियमों के अनुसार पीला रंग में रंगा जाएगा तथा वाहन के सामने एवं पीछे स्कूल बस अंकित किया जाएगा। स्कूल बस के पीछे भाग में दोनों ओर 9 इंच की एक पट्टी पर स्कूल का नाम पता एवं टेलीफोन मोबाइल नंबर अंकित किया जाएगा। इसी तरह बसों के खिड़कियों में समांतर जाली की व्यवस्था की जाएगी। प्रत्येक स्कूल बस में प्राथमिक उपचार पेटी एवं अग्निशमन यंत्र की व्यवस्था होगी। प्रत्येक स्कूल बस में प्राथमिकता के आधार पर मेडिकल किट विद्यार्थियों की सुरक्षा एवं आपातकालीन स्थितियों में निपटने के लिए प्रशिक्षित परिचालक होगा। प्रत्येक बस में आया एवं परिचालक अनिवार्य रूप से बस में मौजूद रहेगा। जो बस रूकने पर बच्चों को सुरक्षित सड़क पार करायेगा। बस में वाहन का दस्तावेज फिटनेस, बीमा, प्रदूषण प्रमाण पत्र, वाहन का पंजीयन कार्ड अपडेट रखना होगा।