रायपुर (वीएनएस)। स्थानीय मसन्द सेवाश्रम के पीठाधीश साईं जलकुमार मसन्द साहिब ने गत् दिनों 10 से 21 जून तक किये गये UP दौरे में निर्धारित कार्यक्रम अनुसार सर्वप्रथम काशी, वाराणसी में केदारघाट स्थित श्रीविद्यामठ के प्रमुख स्वामीश्रीः अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज से भेंट की और अपने अभियान के भावी कदमों के सम्बंध में विस्तृत मंत्रणा की। साईं मसन्द साहिब पिछले 10 वर्शों से देष के महान सन्तों के सहयोग से भारत में हर युग में लागू रहे सनातन वैदिक सिद्धांतों पर आधारित धर्म का शासन स्थापित करवाकर भारत को पुनः विष्वगुरु बनाने का अभियान चला रहे हैं।
उन्होंने पूजा अर्चना कराने हेतु 11 लाख सनातनी कार्यकर्ताओं की सेना बनाने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि सनातनी कार्यकर्ताओं की यह सेना स्थायी रहेगी और उपरोक्त दायित्व के अलावा देश और धर्म की रक्षा हेतु सदैव समर्पित रहेगी। स्वामीश्रीः जी ने सनातनी कार्यकर्ताओं की इस सेना को भारत में सनातन वैदिक सिद्धांतों पर आधारित धर्म का शासन स्थापित करवाकर भारत को पुनः विष्वगुरु बनाने के अभियान से जोड़कर साई मसन्द साहिब को सेना के नेतृत्व वर्ग को अपनी 14 सूत्रीय कार्य योजना से प्रषिक्षित करने का दायित्व सौंपा।
इस प्रवास में उनकी अयोध्या स्थित दशरथ राजमहल के महंत देवेन्द्र प्रसादाचार्य महाराज, संत सतरामदास मंदिर के त्रिदिवसीय महोत्सव में विभिन्न नगरों से पधारे अनेक सन्तों, प्रयागराज में बाघंबरी मठ के ब्रह्मचारी हरिओम गिरी महाराज तथा गोरख्पुर, अयोध्या, प्रयागराज व लखनऊ निवासी सिन्धी समुदाय के विभिन्न नेताओं से भी अपने अभियान के सम्बंध में बड़ी सार्थक चर्चा हुई है।