शराबियों के आतंक से मोहल्ला छोड़ रहे लोग...

Posted On:- 2022-06-27



घर-घर बिक रही अवैध शराब, शिकायतों के बाद भी पुलिस मौन

रायगढ़ (वीएनएस)। सालों से हरे-भरे क्षेत्र में जहां लोग रह रहे थे अब वो वहां से पलायन को मजबूर हैं। कई ने तो घर बेचकर दूसरी जगह पनाह ले ली तो कई तैयारी में हैं। आंखों के सामने अपनों एक-एक जाने को लेकर जनप्रतिनिधियों में आक्रोश है। उनके तमाम शिकायतों के बाद भी कार्रवाई नहीं होने से अवैध शराब का धंधा करने वालों का मनोबल और बढ़ गया है।

यह इलाका है विजयपुर का बजरंगडीपा। जहां सरकारी शराब का ठेका है जिसके कारण यहां का मैदान शाम होते ही शराबियों से भर जाता है। बात यहीं ख़त्म नहीं होती मैदान के चारों ओर व घर-घर अवैध शराब बिक रही है। हैरानी यह कि इस कार्य में नाबालिक भी शामिल हैं।

सूरज ढलते ही सूरा प्रेमियों की भीड़ के कारण स्थानीय निवासी भी घर में कैद हो जाते हैं। किसी जरूरी काम के लिए भी घर की बहू-बेटियां बाहर नहीं निकलती। शाम को ट्यूशन जाना हो या फिर कहीं और घूमने अब इनके लिए सपना है। यहाँ छेड़छाड़ आम है। घर में बंद होने के बाद भी शराबियों के गली-गलौच की आवाज़ें इनके घर तक जाती हैं।

नाम न छापे जाने की शर्त पर स्थानीय निवासी बताते हैं कि अब परिवार हो गया है नाम सामने आ जायेगा तो ये शराब वाले हमारा जीना दुश्वार कर देंगे। पहले तो शाम से ही माहौल खराब होता था पर अब तो सुबह 10 बजे से ही यहाँ जमघट लगना शुरू हो जाता है। जब पुलिस ही कुछ नहीं कर रही तो हम क्या कर सकते हैं सिवाय मोहल्ला छोड़ने के। घर के सौदे की बात हो रही है तय हुआ तो बाकियों के जैसे हम भी इस नरक को छोड़कर चले जायेंगे।

स्थानीय पार्षद पदुम परजा बताते हैं कि उन्होंने कई दफे अवैध शराब के कारोबार और लोगों की परेशानियों से मौखिक रूप से पुलिस को अवगत कराया पर पता नहीं कार्रवाई क्यों नहीं होती। कुछ महीने पहले एसपी साहेब का चौपाल लगा था। इस बात की शिकायत मोहल्लेवालों ने लिखित में भी की पर हुआ कुछ नहीं। बाहर से लोग यहाँ शराब पीकर हुड़दंग मचाते हैं लोग जाएंगे नहीं तो क्या किसी अनिष्ट होने का इंतजार करेंगे।

बकौल मनीष शर्मा, स्थानीय निवासी "अवैध शराब के कारण आने वाली पीढ़ी बर्बाद हो रही है और जिला प्रशासन हांथ पर हांथ धरे बैठा है। कभी यह क्षेत्र अपनी शुद्ध फ़िज़ा और खेती के लिए जाना जाता था अब यह महुआ और भट्ठी के कारण जाना जाने लगा है।"

किसकी शह और किसका हिस्सा महुआ से बनी शराब संबलपुरी, लामीदरहा, रेगड़ा, विजयपुर, भिखारीमाल, कोरियादादर में खूब बिकती है। रेगड़ा में बड़े पैमाने पर खुलेआम इसे बनाया जाता है मजाल है कोई इन्हें रोक दे। लॉकडाउन 1 व 2 में रायगढ़ के सुराप्रेमियों के लिए सारी सप्लाई यहीं से हुई। जिससे इंतज़ार नहीं होता तो ऐसे लोगों के लिए बैठकर पीने की उत्तम व्यवस्था भी है और थी। अब सबको मिल गया है एक नया ठौर विजयपुर के बजरंगडीपा के ठेके वाला मैदान। अगर भीड़ ज्यादा हो गई तो थोड़ी दूर में कोरियादादर है। वही जगह जहां जंगल की जमीन को कब्जा कर बस्ती बना ली गई है। यहाँ तो सुबह से ही घर-घर शराब बेची जाती है शुरुआती मूल्य 10 रुपये से। आश्चर्य तब होता है जब स्कूल जाने वाले बच्चे इस धंधे में शामिल हैं और सेवन भी कर रहे। जब सब कुछ इतना खुलेआम चल रहा है, तो सवाल यह है कि किसकी शह पर सारा खेल चल रहा है और किसका कितना हिस्सा है।

सड़क नहीं सुरक्षित विजयपुर से इंदिरानगर के मार्ग पर शराबियों का आतंक है। यहां शराब के लिए मुसाफिरों से मारपीट की घटना आम है। इसी तरह बोईरदादर से रेगड़ा मार्ग में भी आमजन कम ही जाते हैं उनके साथ कभी भी अनहोनी हो सकती है। कुछ दिन पहले शालिनी स्कूल के ठीक सामने एक व्यक्ति से पैसों के लिए शराबीगण मारपीट कर रहे थे। इसका वीडियो वायरल भी हुआ था। पर स्तिथि आज भी वही है।

क्या कहती है पुलिस अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले का कहना है "पुलिस विभाग द्वारा अभी मोहल्लों के अंदर तक गश्ती कर ताबड़तोड़ कार्रवाई जारी है। नदी के किनारे अवैध शराब सेवन और बेचे जाने की सूचना मिली है। जिस पर पुलिस विभाग लगातार कार्रवाई कर रहा हैं। रही बात विजयपुर और उसे लगे हुए क्षेत्रों में अवैध शराब की बिक्री एवं सेवन की तो पुलिस जल्द ही इस पर कार्रवाई करेगी। लोगों में व्याप्त भय और घर छोड़े जाने के संदर्भ में जानकारी नहीं है लेकिन हम यह आश्वस्त करते है कि कार्रवाई होगी।"