नई दिल्ली (वीएनएस)। नीति आयोग ने इंडियाज बूमिंग गिग एंड प्लेटफॉर्म इकोनॉमी शीर्षक नामक रिपोर्ट जारी की। यह रिपोर्ट नीति आयोग के उपाध्यक्ष सुमन बेरी, मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमिताभ कांत और विशेष सचिव डॉ. के. राजेश्वर राव ने जारी की। यह रिपोर्ट अपनी तरह का ऐसा पहला अध्ययन है जो भारत में गिग-प्लेटफॉर्म अर्थव्यवस्था के बारे में व्यापक दृष्टिकोण और सिफारिशें प्रस्तुत करता है। यह रिपोर्ट क्षेत्र के मौजूदा आकार और रोजगार की सृजन क्षमता का अनुमान लगाने के लिए एक वैज्ञानिक पद्धति से संबंधित दृष्टिकोण उपलब्ध कराती है।
रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि वर्ष 2020-21 में गिग अर्थव्यस्था में 77 लाख कर्मचारी कार्यरत थे। इनका गैर-कृषि कार्यबल में 2.6% या भारत के कुल कार्यबल में 1.5% योगदान है। गिग कार्यबल की संख्या बढ़कर वर्ष 2029-30 तक 2.35 करोड़ हो जाने की उम्मीद है। वर्ष 2029-30 तक भारत में गिग कर्मचारियों का गैर-कृषि कार्यबल में 6.7% या भारत में कुल आजीविका में 4.1% योगदान होने की उम्मीद है। वर्तमान में लगभग 47% गिग कार्य मध्यम कौशल रोजगार में है और लगभग 22% उच्च कौशल में तथा लगभग 31% कम कौशल रोजगार में है। इस रूख से यह पता चलता है कि मध्यम कौशल में श्रमिकों की एकाग्रता धीरे-धीरे कम हो रही है और कम कौशल और उच्च कौशल में बढ़ रही है।