
अम्बिकापुर (वीएनएस)। संतगहिरा गुरु यूनिवर्सिटी में दो कुलपति को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। कुर्सी पर कौन बैठेगा, स्पष्ट नहीं होने से एक यूनिवर्सिटी में दो कुलपति होने के कारण विवाद की स्थिति निर्मित हो गई है | विवाद को बढ़ता देख यूनिवर्सिटी के कुलसचिव ने कुलपति के कार्यालय में ताला मार दिया। लेकिन छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के स्थगन के बाद वर्तमान कुलपति प्रोफेसर अशोक सिंह ने पुनः अपना कार्यभार संभाल लिया है। प्रो. श्री सिंह को अंतिम आदेश तक के लिए उच्च न्यायालय ने राहत दी है जबकि , पूर्व कुलपति प्रोफेसर रोहणी प्रसाद का का कार्यकाल 10 जुलाई को समाप्त हो जाएगा।
गहिरा गुरु विश्वविद्यालय इन दिनों दो दो कुलपतियों के आगमन से पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है। विश्वविद्यालय में पहले से ही प्रोफेसर अशोक सिंह बतौर कुलपति कार्यरत हैं इसी बीच विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रोफेसर रोहिणी प्रसाद शुक्रवार को दोबारा जॉइनिंग के लिए विश्वविद्यालय कार्यालय पहुंचे। लेकिन महत्वपूर्ण बात यह है कि विश्वविद्यालय प्रबंधन को प्रोफेसर रोहणी प्रसाद के जॉइनिंग को लेकर कोई आदेश राजभवन से प्राप्त नहीं हुआ था जिससे विश्वविद्यालय प्रबंधन के सामने असमंजस की स्थिति बन गई। विवाद को बढ़ता देख विश्वविद्यालय के कुल सचिव विनोद कुमार एक्का ने कुलपति कार्यालय के मुख्य द्वार में ताला मार दिया ताकि किसी भी स्थिति में विश्वविद्यालय में शांति रहे। इस बीच वर्तमान में पदस्थ कुलपति प्रोफेसर अशोक सिंह को उच्च न्यायालय के डबल बेंच ने राहत देते हुए अंतिम आदेश तक यथास्थिति बनाने का आदेश दिया है। वही अगली सुनवाई 6 जुलाई को है जबकि पूर्व कुलपति प्रो.रोहणी प्रसाद का कार्यकाल 10 जुलाई को समाप्त हो जाएगा।