नई दिल्ली (वीएनएस)। पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय की तीन दिवसीय चिंतन बैठक केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक के दौरान कुछ महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। चिंतन बैठक का आयोजन उन विचारों एवं नवाचारों पर चर्चा तथा विचार-विमर्श करने के उद्देश्य से किया गया था जो भारत को ब्लू इकोनॉमी में आगे बढ़ा सकते हैं।
चिंतन बैठक की सह-अध्यक्षता पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग राज्य मंत्री श्रीपद येसो नाइक तथा शांतनु ठाकुर ने की तथा भारत की समुद्री अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने पर विचार-मंथन करने के लिए सभी प्रमुख बंदरगाहों के अध्यक्षों व पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
श्री सोनोवाल ने भारत की ब्लू इकोनॉमी को तेजी से विकसित करने और इसे बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दृष्टिकोण को दोहराया। उन्होंने सुझाव दिया कि वर्ष 2047 तक सभी बंदरगाहों को मेगा पोर्ट बनने के लिए मास्टर प्लान तैयार करना चाहिए।
चिंतन बैठक में उनके द्वारा शुरू की गई विभिन्न नवीन परियोजनाओं जैसे कंटेनर ट्रेलरों के लिए बफर पार्किंग यार्ड, स्मार्ट वेसल ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम, 5जी नेटवर्क पायलट प्रोजेक्ट, तेल पाइपलाइन संचालन के लिए पर्यवेक्षी नियंत्रण और डेटा अधिग्रहण (एससीएडीए) प्रणाली, स्वचालित वाहन अवलोकन, कर्मियों की आरएफआईडी स्कैनिंग, ड्रोन निगरानी, ग्रीन वेयरहाउसिंग सिस्टम, जलाशयों के कायाकल्प आदि पर विचार-विमर्श किया गया।