शहनाज़ हुसैन लेखिका अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त सौंदर्य विशेषज्ञ है तथा हर्बल क्वीन के रूप में लेाकप्रिय है।
बरसात का मौसम शुरू हो गया है। बरसात के मौसम में उमस और तापमान बढ़ने से पसीना आना आम बात है। इस मौसम में पसीने से बाताबरण में बदबू, दुर्गन्ध आदि का अहसास भी बढ़ने लगा है। मानसिक तनाव, शारीरिक परिश्रम भावनात्मक उतेजना, आहार-बिहार, आनुवंाशिक हार्मोन असंतुलन तथा वातावरण में उच्च आद्रता बरसात में पसीने का मुख्य कारण माना जा सकता है। पसीने से शरीर में पफंगल इन्पफैक्शन हो सकते है।
इस मौसम में शरीर में दुर्गन्ध और बदबू से आदमी और महिलायें दोनों बराबर रूप में परेशान रहते हैं। हालांकि गर्म इलाकों में रहने बाले लोगों के लिए पसीने की समस्या बर्ष भर परेशान करती है, लेकिन बरसात के आद्रता भरे बाताबरण में पसीने की दुर्गन्ध तेजी से फैलती है जबकि सर्दियों में यह दुर्गन्ध ज्यादातर आपके नोटिस मे नहीं आ पाती। वैज्ञानिकों का यह भी मानना है की बरसात के सीजन में मानव शरीर में सूंघने की क्षमता शर्दियों की अपेक्षा बढ़ जाती हैं और इसीलिए गर्मियों में पसीने की बदबू ज्यादा नोटिस में आती है जबकि यह समस्या सर्दियों में भी कमोबेश ऐसी ही पायी जाती है।
हालांकि पसीना पूरी तरह गंद्यरहित होता है लेकिन जब पसीना त्वचा के स्तह पर विद्यमान वैकटीरिया से मिलता है तो वैकटीरिया पसीने में विद्यमान एसिड को तोड़ कर अलग कर देता है जिससे दुर्गन्ध् आना शुरू हो जाती है। बरसात में ज्यादातर अंडरआर्म, पांवों, हथेली, बालों आदि में पीसने की दुर्गन्ध् से हमें कई बार शर्मिन्दगी झेलनी पड जाती है, क्योंकि उससे आसपास का माहौल खराब हो जाता है तथा लेाग आपसे दूर भागना शुरू कर देते है। हम पसीने की बदबू से परफूम, डीओडरेंट, एंटी पेर्स्पिरैंट आदि से छुटकारा पाने के सभी उपाय करते हैं, लेकिन दूसरी और बैज्ञानिकों का मानना है की पसीने की बदबू से निकलने बाली गन्ध हमारे स्वास्थ्य के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करते हैं तथा इससे हमारे स्वास्थ्य जीवन की राह आसान हो सकती है। वैज्ञानिकों का मानना है की पसीने की बदबू से निकलने बाली गन्ध हमारे भावनात्मक और शरीरिक स्वास्थ्य की जानकारी प्रदान कर सकते हैं तथा बैज्ञानिकों का मानना है की हर व्यक्ति की विशिष्ट शरीरिक गन्ध होती है, जिसके आधार पर हम फिंगर प्रिंट्स की तरह उस व्यक्ति की शिनाख्त कर सकते हैं।
अगर आप भी बरसात के पसीने से परेशान हैं तो नीम्बू के पानी गुलाबजल, दही, बेंकिग, सोडा ताजे पानी आदि आसान घरेलू उपायों के माध्यम से आप बरसात में पसीने की समस्या से पूरी तरह निजात पा सकते हैं। नहाने और बॉडी स्क्रब से त्वचा से गन्दगी, मैल, विषाणु तथा दुर्गन्ध को रोकने में मदद मिलती है। नहाती बार शरीर के गर्दन, पांवों, बगल आदि पर विशेष ध्यान देना चाहिए, क्योंकि इन क्षेत्रों में सबसे ज्यादा रोगाणु और दुर्गन्ध फैलती है।
शरीर को रगड़क ताजे पानी से नहाने से शरीर से गन्दगी, दुर्गन्ध तथा रोग के किटाणु का सपफाया हो जाता है तथा यह पसीने की दुर्गन्ध से छुटकारा पाने का सबसे आसान एवं सरल उपाय है। नहाने के पानी के टब में इत्रा, गुलाब जल आदि मिलाने से शरीर में ताजगी का अहसास होता हे तथा शरीर को ठंडक भी प्रदान करते है, जिससे पसीने की बदबू को रोका जा सकता है। चन्दन गुलाब, खस आदि प्राकृतिक उत्पादों वाले बाडी शैम्पू तथा शाॅवर जैल उपयोग में लाने से शरीर में ठंडक तथा ताजगी का अहसास होता है। यह उत्पाद प्राकृतिक कूलन्ट तथा किटाणु नाशक एवं एंटी सैप्टिक के रूप में प्रभावी भूमिका अदा करते है जिससे पसीने की बदबू को रोका जा सकता है।
इस दौरान सूती कपड़े पहनिए जिससे पसीने के सूखने में मदद मिेगी। बरसात में प्रतिदिन कपड़े बदलिए तथा खुले तथा हल्के कपडे़ ज्यादा उपयुक्त तथा आरामदेह साबित होते है। इस मौसम में पॉलीस्टर, सिन्थेटिक कपड़ों का उपयोग हानिकारक साबित हो सकता है, क्योंकि यह पसीने और गन्ध को बाहर जाने से रोकते हैं जिससे आप असहज हो सकते हैं।
पसीने की बदबू को रोकने के लिए डीओडरेन्ट कापफी मददगार साबित होते है। हमेशा हल्का सुगन्ध्ति डीयोेडरेन्ट के प्रयोग को वरीयता दे क्योंकि तेज सुगंध के डीयोडरेन्ट से त्वचा में जलन या संवेदनशील रसायनिक प्रभाव पड़ सकता है, जिससे त्वचा खराब हो सकती है तथा त्वचा पर काले धब्बे पड़ सकते है। डीयोरेन्ट का प्रयोग करने से पहले उनका त्वचा पर परीक्षण अत्यन्त जरूरी होता है तथा बिना परीक्षण डीयोडरेन्ट को त्वचा पर कतई नहीं लगाना चाहिए। विकल्प के तौर पर टैलकम पाउडर का प्रयोग लाभदायक साबित होता है क्योंकि यह पसीने को सोख लेता है तथा त्वचा में ताजगी का अहसास करवाता है।
परफ्यूम का चयन करती बार मौसम के मिजाज का जरूर ध्यान रखिए। गर्म तथा आर्द्रता भरे मौसम में हल्का नीबूंदार तथा ताजगी भरा परफ्यूम ज्यादा असरकारक होगा। गर्म तथा आर्द्रता भरे मौसम में परफ्यूम की खुशबू तेजी से पफैलती है तथा इस मौसम में तेज सुगन्ध् वाला परफ्रयूम उपयोगी नही होगा। गर्म तथा आर्द्रता भरे मौसम में नीम्बू चन्दन तथा लवैंडर परफ्यूम हल्का तथा ताजगी का अहसास देगा। गर्मियों के मौसम में इत्रा उपयोग कापफी गुणकारी साबित होता है। इत्रा को बाथ टब में प्रयोग किया जा सकता है। बेकिंग सोडा पसीने की दुर्गन्ध को रोकने में अहम भूमिका अदा करता है। बेकिंग सोडा, पानी तथा नीबूं रस को मिलाकर पेस्ट बना लें तथा इस पेस्ट को अंडर आर्म्स में 10 मिनट तक लगाकर ताते पानी से धे डाले। इसे पसीने की बदबू को रोकने में मदद मिलेगी बेंकिग सोडा तथा टैलकम पाउडर का मिश्रण बना कर इसे अंडर आम्र्स तथा पांवों पर 10 मिनट तक लगाने के बाद ताजे पानी से धे डालिए। इससे पसीने की समस्या से निजात मिलेगी।
बरसात में पसीने की बदबू को रोकने के लिए डीओडरेन्ट कापफी मददगार साबित होते है। हमेशा हल्का सुगन्ध्ति डीयोेडरेन्ट के प्रयोग को वरीयता दे क्योंकि तेज सुगन्ध् के डीयोडरेन्ट से त्वचा में जलन या संवेदनशील रसायनिक प्रभाव पड़ सकता है, जिससे त्वचा खराब हो सकती है तथा त्वचा पर काले धब्बे पड़ सकते है। डीयोरेन्ट का प्रयोग करने से पहले उनका त्वचा पर परीक्षण अत्यन्त जरूरी होता है तथा बिना परीक्षण डीयोडरेन्ट को त्वचा पर कतई नहीं लगाना चाहिए। विकल्प के तौर पर टैलकम पाउडर का प्रयोग लाभदायक साबित होता है क्योंकि यह पसीने को सोख लेता है तथा त्वचा में ताजगी का अहसास करवाता है। परफ्यूम का चयन करती बार मौसम के मिजाज का जरूर ध्यान रखिए। गर्म तथा आर्द्रता भरे मौसम में हल्का नीबूंदार तथा ताजगी भरा परफ्यूम ज्यादा असरकारक होगा। गर्म तथा आर्द्रता भरे मौसम में परफ्यूम की खुशबू तेजी से फैलती है।
इस मौसम में तेज सुगन्ध् वाला परफ्रयूम उपयोगी नही होगा। गर्म तथा आर्द्रता भरे मौसम में नीबूं चन्दन तथा लवैंडर परफ्यूम हल्का तथा ताजगी का अहसास देगा। बरसात के मौसम में इत्र का उपयोग काफी गुणकारी साबित होता है। इत्र को बाथ टब में प्रयोग करने से आपको ताजगी और ठण्डक का अहसास होगा। बेकिंग सोडा पसीने की दुर्गन्ध् को रोकने में अहम भूमिका अदा करता है। बेकिंग सोडा, पानी तथा नीबूं रस को मिलाकर पेस्ट बना लें तथा इस पेस्ट को अंडर आर्म्ज में 10 मिनट तक लगाकर ताजे पानी से धे डाले। इसे पसीने की बदबू को रोकने में मदद मिलेगी बेंकिग सोडा तथा टैलकम पाउडर का मिश्रण बना कर इसे अंडर आम्र्स तथा पांवों पर 10 मिनट तक लगाने के बाद ताजे पानी से धो डालिए। इससे पसीने की समस्या से निजात मिलेगी।
पसीने की दुर्गन्ध् वाले शरीर के हिस्सों पर कच्चे आलू के स्लाईस रगडने से भी पसीने की दुर्गन्ध् से छुटकारा मिलता है। नहाने के टब के पानी में पिफटकरी तथा पुदीने की पत्तियों डालकर नहाने से भी शरीर में ठण्डक तथा ताजगी का अहसास होता है तथा पीसने की समस्या से छुटकारा मिलता है। नहाने के पानी के टब में गुलाब जल मिलाने से प्राकृतिक शीलता तथा कोमलता मिलती है। दो बूंद ट्री आयल तथा दो चम्मच गुलाबजल मिलाकर इस मिश्रण को काटनवूल की मदद से अंडरआम्र्स में लगाने से पसीने की समस्या से निजात मिलती है।
बरसात में बालों में पसीने की समस्या से सिर से खटे दही या सड़े हुए अण्डे की दुर्गन्ध आती है। इसके लिए आप पुदीने का इस्तेमाल कर सकती हैं। बरसात में ठण्डक पाने के लिए पुदीना उत्तम माना जाता है। पुदीना एंटी ऑक्सीडेंट, विटामिन, मिनरल गुणों से भरपूर माना जाता है, जिससे पुदीना खोपड़ी को प्रकृतिक ठण्डक प्रदान करता हैं पुदीना हेयर पैक के लिए पुदीना की एक गड्डी, 6 -8 टिक्की कपूर और एक चम्मच निम्बू रश लेकर रख लें। सबसे पहले पुदीने की पतियों को ताजे साफ पानी से धो कर कपूर और पुदीने की पतियों को थोड़े से पानी में मिक्सी में डाल इसका गाड़ा मिश्रण बना लें। इस मिश्रण में एक चम्मच निम्बू डाल कर बने मिश्रण को दस्तानों की मदद से सिर के विभिन्न हिस्सों में लगा कर एक घण्टे बाद ताजे ठन्डे पानी से धो डालिये। इससे सिर में पसीने की बदबू से लाभ मिलेगा।
वालों से पसीने की दुर्गन्ध को रोने के लिए एक कप पानी में गुलाब जल तथा नीम्बू रस को मिलाकर बालों को धेने से पसीने की बदबू खत्म हो जाएगी। बालों में दुर्गन्ध को रोकने के लिए हमेशा अच्छी क्वालिटी का वाश प्रयोग में लाना चाहिए जोकि बालों में जमी गन्दगी और खोपड़ी पर जमा तेल हटा सकें। कोई भी घटिया वाश प्रयोग करने से आपके बालों में गन्दगी जमा रहेगी जिससे दुर्गन्ध फैलती रहेगी। अपने बालों पर शैम्पू लगा कर इसकी अच्छे तरीके से खोपड़ी पर मालिश कर के खोपड़ी पर झाग बना कर बालों को ताजे पानी से हमेशा अच्छी तरह धोएं।
आयुर्वेद के अनुसार खाने के बाद नीबूं पानी, अदरक चाय को उपयोग करे। ताजे अदरक के बरीक टुकडे में सेंधा नमक मिलाकर चूसिए। आहार के साथ गर्म पानी पीजिए। हल्का तथा मसाला रहित सादा खाना खाईए तथा थोड़े समय के बाद हल्का हल्का खाना खाते रहिए। तेज गन्ध बाले जैसे लहसुन, ब्रोक्कोली, मछली, जंक फ़ूड आदि से परहेज कीजिये तथा सलाद, जूस, नारियल पानी, निम्बू पानी, ताजे फल, बुरांश का पानी आदि को अपने आहार में शामिल कीजिये। हरी सब्ज़ियां प्रकृतिक तौर पर दुर्गन्ध दूर करने में सहायक होती हैं तथा हरा ताजा सलाद न केवल आपकी त्वचा में यौवनता और ताजगी लाता है, बल्कि त्वचा की अशुद्धियों को दूर करके त्वचा में प्रकृतिक आकर्षण पैदा करता है। रात को खाने से पहले टमाटर जूस पीना चाहिए। टमाटर पसीने की बदबू के लिए जिम्मेदार बैक्टीरिया को खत्म करता है।
पान के पत्ते तथा आंवला को पीसकर इसका पेस्ट बना ले तथा इस पेस्ट को अंडर आम्र्स में 10 मिनट तक लगाने के बाद ताजे ठण्डे पानी से नहाने से पसीने की दुर्गन्ध् से मुक्ति मिलती है। अपने वाथटब में नीम की पत्तियों को रात में सापफ करके डाल दें तथा इस पानी से नहाने से पसीने की दुर्गन्ध् के अलावा त्वचा की इन्पफैक्शन को रोकने में मदद मिलती है। बात टब में नहाने से एक घण्टा पहले संतरे का छिलका डालकर छोड़ दें। इस पानी से नहाने से शरीर में ताजगी तथा ठण्डक का अहसास होता है।
कुछ मामलों में सांसों की बदबू, ज्यादा पसीने की समस्या और शारीरिक दुर्गन्ध शरीर में बिद्यमान बिमारियों की इंगित करती हैं तथा यदि आप अपनी शरीर की गन्ध में आकस्मिक बदलाब महसूस करें तो तत्काल नज़दीकी डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें। आपको ताजगी का अहसास करने के लिए महंगे परफूम, इत्र या डिओडरंट की ही जरूरत नहीं होती, बल्कि अगर आप उचित शरीरिक स्वच्छता की आदतों अनुसरण करें तो आप हमेशा ताजा, सुगन्धित और ऊर्जा बान महसूस करेंगे।