नई दिल्ली (वीएनएस)। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्राथमिक कृषि ऋण समितियों के कम्यूटरीकरण को मंजूरी दे दी है। सूचना ओर प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने नई दिल्ली में संवाददाताओं का बताया कि मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने फैसला किया है कि 63 हजार समितियों का कम्यूटरीकरण किया जाएगा। इस पर दो हजार 516 करोड रुपये खर्च होंगे। इससे 13 करोड किसानों को लाभ होगा।
लगभग 13 करोड किसान इन समितियों के सदस्य हैं। देश के ग्रामीण विकास में इनकी भूमिका महत्वपूर्ण है। देश में सभी संस्थाओं द्वारा दिए जाने वाले किसान क्रेडिट कार्ड ऋण का 41 प्रतिशत यह समितियां देती हैं। 95 प्रतिशत क्रेडिट कार्ड ऋण इन समितियों के माध्यम से लघु और माध्यम किसानों को दिए जाते हैं।
आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति ने स्वदेश में उत्पादित क्रूड ऑयल की बिक्री को नियंत्रण मुक्त करने को भी मंजूरी दे दी है। अनुराग ठाकुर ने बताया कि इससे सभी उत्पादक कंपनियों के लिए अन्वेषण और विपणन स्वतंत्रता निश्चित होगी।
इससे सभी अन्वेषण और उत्पादक कंपनियां अपना क्रूड ऑयल स्वदेशी बाजार में बेचने के लिए स्वतंत्र होंगी। रायल्टी, उपकर जैसे सरकार के राजस्व सभी अनुबंधों में एकसमान आधार पर ही तय किए जाएंगे। पहले की तरह निर्यात की अनुमति नहीं होगी। तेल और गैस के उत्पादन, बुनियादी ढांचा और विपणन से संबंधित नीतियों को अधिक पारदर्शी बनाया गया है।
मंत्रिमंडल को विज्ञान प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में सहयोग पर, सिंगापुर के व्यापार तथा उद्योग मंत्रालय और भारत के विज्ञान तथा प्रौद्योगकी विभाग के बीच हुए समझौता ज्ञापन के बारे में जानकारी दी गई। इसके अलावा भारत सरकार के नवीन तथा नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय और इंटरनैशनल रीन्यूएबल एनर्जी के बीच रणनीतिक भागीदारी समझौते से भी अवगत कराया गया। इस समझौते पर इस वर्ष जनवरी में हस्ताक्षर किए गए थे।