भारत ने आर्थिक और सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने परिवर्तनकारी नीतियों की शुरुआत की : हरदीप पुरी

Posted On:- 2022-06-30



नई दिल्ली (वीएनएस)। आवास एवं शहरी कार्य मंत्री हरदीप एस. पुरी ने कहा कि भारत दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी शहरी प्रणाली है और कुल वैश्विक शहरी आबादी का 11 प्रतिशत भारतीय शहरों में रहता है। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र का अनुमान है कि 2018 और 2050 के बीच हमारी शहरी आबादी में लगभग 416 मिलियन लोग जुड़ जाएंगे। आवास एवं शहरी कार्य मंत्री ने कहा कि हमारे शहर न केवल भारत के आर्थिक लक्ष्यों को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे, बल्कि इसके सतत लक्ष्यों को भी हासिल करेंगे। उन्होंने कहा कि भारतीय शहर राष्ट्रीय सकल घरेलू उत्पाद में लगभग 70 प्रतिशत योगदान करते हैं, जबकि ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में 44 प्रतिशत का योगदान होता है। हरदीप एस. पुरी का भाषण 28 जून को पोलैंड के कोटाविस में आयोजित 11वें वर्ल्ड अर्बन फोरम में मंत्रिस्तरीय गोलमेज सम्मेलन में भारतीय प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख और आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय के अपर सचिव संजय कुमार द्वारा पढ़ा गया। हरदीप एस. पुरी ने कहा कि भारत सरकार ने निष्क्रिय पड़ी क्षमता का पूंजीकरण किया है। उन्होंने कहा कि 2014 की शुरुआत में, भारत ने दुनिया के सबसे बड़े योजनाबद्ध शहरीकरण कार्यक्रम और विभिन्न परिवर्तनकारी नीतियों और क्रियाकलापों को शुरू किया है। नए शहरी एजेंडा के मूल सिद्धांतों को इनके केंद्र में रखा गया है। इसके परिणामस्वरूप भारतीय शहर देश के आर्थिक और सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए तैयार हैं। हरदीप एस. पुरी ने कहा कि सहकारी और प्रतिस्पर्धी संघवाद, बुनियादी सेवाओं के सार्वभौमिकरण और ग्रामीण-शहरी निरंतरता पर भारत की शहरी विकास प्राथमिकताओं का आधार है। उन्होंने कहा कि 'सभी के लिए आवास' और 'स्वच्छ भारत मिशन' योजनाएं हैं जो क्रमशः आवास और स्वच्छता की बुनियादी जरूरतों को पूरा करती हैं। उन्होंने कहा, 'स्वच्छ भारत मिशन' ने विशेष रूप से वैश्विक प्रशंसा हासिल की है और शहरों का हमारा वार्षिक स्वच्छता सर्वेक्षण दुनिया का सबसे बड़ा शहरी स्वच्छता सर्वेक्षण है।