जनसंख्या स्थिरीकरण पखवाड़ा : सीएमएचओ ने दिखाई प्रचार रथ को झंडी

Posted On:- 2022-06-30



रायपुर (वीएनएस)। जनसंख्या स्थिरीकरण पखवाड़े को लेकर जिले में प्रचार-प्रसार के लिये जागरूकता रथ को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मीरा बघेल ने झंडी दिखाकर रवाना किया। जागरूकता रथ का उद्देश्य लोगों में जनसंख्या स्थिरीकरण को लेकर जागरूकता लाना और परिवार नियोजन के लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के बारे में जानकारी देने के साथ-साथ परिवार नियोजन के स्थाई और अस्थाई साधनों के बारे में लोगों को जागरूक करना भी है ।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय के जिला मीडिया प्रभारी गजेन्द्र डोंगरे ने बताया इस रथ द्वारा सूचना शिक्षा संचार और पैंप्लेट के साथ सभी विकासखंडों में जा कर प्रचार करेगा । गर्भ निरोधक के अस्थाई साधनों की जानकारी सभी स्वास्थ्य संस्थाओं में कॉर्नर बनाकर दी जाएगी जहाँ पर कंडोम बॉक्स भी रखे गए हैं जो सभी के लिए निशुल्क उपलब्ध हैं । स्थाई साधनों में पुरुष नसबंदी और महिला नसबंदी की सुविधा जिला अस्पताल पंडरी, आयुर्वेदिक अस्पताल, माना सिविल अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बिरगांव, धरसीवां, अभनपुर, आरंग और तिल्दा में उपलब्ध करवाई जायेगी ।

दंपति संपर्क के दौरान जो दम्पति अपनी सहमति किसी भी साधन के लिए देंगें, उसको एएनएम और आरएचओ (ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक) द्वारा निर्धारित प्रपत्र में जानकारी भर कर देनी होगी । दम्पति को यह सेवाएं ताकि 11 से 24 तक दी जायेंगी। सबसे ज्यादा केस कराने वाले आरएचओ को पुरस्कृत भी किया जाएगा ।

जागरूकता रथ को रवाना करने के अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के नोडल डॉ. एस के सिन्हा , डॉ.संजीव वोरा, एएसओ, डीके बंजारे, प्रजनन, मातृ, नवजात, बाल और किशोर स्वास्थ्य (आरएमएनसीएचए) की सलाहकार डॉ.निकिता पवार, डॉ. रंजना गायकवाड़ और राज यदु मौजूद रहे ।

राष्ट्रीय परिवार एवं स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस-5) के आंकड़ों के अनुसार रायपुर ज़िले में 76.8% योग्य दम्पति आधुनिक गर्भनिरोधक साधनों का उपयोग करते है। वहीं 58.2% महिलाएं नसबंदी करवाती है जबकि पुरुषों में यह प्रतिशत 0.5% ही है। पुरुषों की भागीदारी बढ़ाने के लिए ही जनसँख्या स्थिरता पखवाड़े के दौरान पुरुष नसबंदी पर विशेष जोर दिया जाता है और इसके लिए विविध जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाता है।