अधिकारी-कमर्चारियों ने सुखमय जीवन एवं दीर्घायु की शुभकामना दी
जशपुरनगर (वीएनएस)। जिला पंचायत के मुख्य कायर्पालन अधिकारी के.एस. मंडावी को 30 जून अधिवार्षिक आयु पूर्ण होने पर एक सादे समारोह में जिला प्रशासन और जिला पंचायत के अधिकारी-कमर्चारियों ने विदाई समारोह का आयोजन किया गया था। मंडावी को साल, श्रीफल और प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष रायमुनी भगत, जिला पंचायत उपाध्यक्ष उपेन्द्र यादव, अपर कलेक्टर आई.एल. ठाकुर, प्रभारी जिला पंचायत सीईओ अजय लकड़ा, सयुक्त कलेक्टर सचिन भुतड़ा, सभी एसडीएम, जनपद सीईओ, जिला पंचायत व जनपद के सदस्यगण, अधिकारी-कमर्चारी उपस्थित थे।
जिला पंचायत की अध्यक्ष रायमुनी भगत ने मंडावी को अपनी हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जशपुर जिले में 3 साल का आपका कार्यकाल बेहतरीन रहा। प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच आप ने अच्छा ताल-मेल बनाकर समस्याओं का समाधान करते थे। अपने कार्यों को गंभीरता से करने के साथ ही सहज,सरल और सभी से आत्मीयता से मिलते थे यह आपकी खूबी रही है।
जिला पंचायत उपाध्यक्ष उपेन्द्र यादव ने भी अपनी हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आपका कार्यकाल बेहतर रहा और सभी से तालमेल बनाकर अपने कार्याे का निर्वहन किया गया है। अपर कलेक्टर आई.एल. ठाकुर ने अपनी हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राजस्व विभाग में भी आपको कार्य करने का अवसर मिला और आपने तहसीलदार से लेकर संयुक्त कलेक्टर, अपर कलेक्टर व जिला पंचायत सीईओ तक के कार्यो का अच्छा अनुभव रहा है। आपके मार्गदर्शन में राजस्व विभाग से संबंधित कई प्रकरणों को आपने समय-सीमा में निराकरण किया है। प्रभारी जिला पंचायत सीईओ अजय लकड़ा और संयुक्त कलेक्टर संचिन भुतड़ा ने भी शुभकामनाएं देते हुए अपने विचार व्यक्त किए। सारंगढ़ से आए उनके मित्र अरूण गुडु ने भी अपनी शुभकामनाएं देते हुए उनके कार्यो का अनुभव साझा किया। उन्होंने कहा कि मंडावी सहज-सरल और अपने कार्यो को समर्पित भावना से हमेशा से ही करते आ रहे हैं।
जिला पंचायत के मुख्य कायर्पालन अधिकारी के.एस. मंडावी ने अपने विदाई समारोह को संबोधन करते हुए कहा कि जशपुर जिले में लगभग 3 साल का कायर्काल बेहतरीन रहा। सभी वरिष्ठ अधिकारी-कमर्चारियों का सहयोग मिला है इसके लिए सभी को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि अधिकारी-कमर्चारी अपने समय का अनिवार्य रूप से पालन करें और निर्धारित समय में अपने कार्यो को निपटाए। उन्होंने अनुभव साझा करते हुए बताया कि राजस्व विभाग में कायर्काल के दौरान कभी भी राजस्व बस्ता लेकर घर नहीं गए हैं। किसी भी कार्य को करने के लिए धैर्य बहुत जरूरी है।