परंपरागत कृषि के स्थान पर फलदार पौधरोपण से आमदनी में कई गुना होगा इजाफा
Posted On:- 2022-07-01
कलेक्टर व डीएफओ ने सीताफल पौधे का रोपण कर किसानों को मेहनत और लगन से कार्य करने की समझाईस दी
बीजापुर (वीएनएस)। जिला मुख्यालय से 25 किलोमीटर दूरी पर स्थित ग्राम पंचायत गंगालूर अब कृषि के क्षेत्र में एक नया अध्याय लिखने जा रहा है। परंपरागत कृषि के स्थान पर गंगालूर के 18 किसानों ने अपने 24 एकड़ कृषि भूमि पर धान नही लगाने का निर्णय लिया। क्योंकि किसान शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं को समझने लगे है। जिससे उनकी आमदनी में कई गुना इजाफा होने वाला है।
विभागीय अमला की ओर से निरंतर शासन की विभिन्न किसान हितैषी नीतियों का एवं उनके लाभ का किसानों के बीच प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। जिसमें राजीव गांधी किसान न्याय योजना, मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना धान के बदले अन्य फसल लेने की योजना और उसका सकारात्मक परिणाम जिले के किसानों को मिल रहा है। गंगालूर के किसानों ने बताया कि हम पहले केवल एक फसल धान खरीफ सीजन में लेते थे। जिससे प्रति एकड़ 15-20 हजार अधिकतम आमदनी होती थी। किन्तु धान के बदले फलदार पौधरोपण से आमदनी में कई गुना वृद्धि होगी।
कुछ इस तरह से होगा आमदनी में इजाफा
उद्यानिकी विभाग के अधिकारी नरवरिया ने बताया पहले किसान सिंचाई व तकनीकी मार्गदर्शन के अभाव में केवल एक ही फसल खरीफ में धान लेते थे। जिसमें अधिकतम 15 से 20 हजार की आमदनी होती थी, किन्तु अब सीताफल की खेती से मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना के तहत प्रति एकड़ प्रति 3 वर्षों तक 10-10 हजार रुपए कृषि अदान सहायता के रुप में मिलेंगे। अब किसान सीताफल के अलावा एक साल में तीन फसल लेंगे, अभी बरबट्टी और भिंडी लगाएं हैं। जिसका दो माह बाद उत्पादन शुरु हो जाएगा। इंटरकार्प विधि से 10-10 फीट मे ंसीताफल का रोपण किया गया है व बीच कतार में भिंडी एवं बरबट्टी लगाए है। इसी तरह रबी के मौसम में गोभी वर्गीय सब्जी, फूल गोभी, पत्तागोभी, मूली, प्याज व विभिन्न प्रकार के भाजी लगायेंगे। जायद सीजन में करेला, बरबट्टी लौकी तोरई सहित विभिन्न सब्जी लगाएंगे।
पहले साल में एक बार खेती होती थी अब तीन बार फसल लेंगे :
साग सब्जी के इस अर्न्तवर्तीय फसल में प्रति सीजन प्रति एकड़ 60 से 70 हजार रुपए की आमदनी होगी। इस प्रकार 1 वर्ष में 1 लाख अस्सी हजार से 2 लाख रुपए तक आमदनी प्राप्त कर सकेंगे। 3 वर्ष बाद जब सीताफल का फसल तैयार होगा तब प्रति एकड़ 3 लाख 50 हजार रुपए तक की आमदनी सीताफल से प्राप्त होगी। इस तरह तीन वर्ष के बाद प्रति एकड़ 5 लाख से अधिक की आमदनी प्रति एकड़ होगी। इस तरह से 24 एकड़ खेत में प्रति वर्ष एक करोड़ 20 लाख की आमदनी होगी।
जिला प्रशासन ने किसानों की प्रेरित कर आवश्यक सहयोग दिया है। जिसमें पूरे 24 एकड़ में फसलों की सुरक्षा केलिए डीएमएफ मद से तार फेसिंग, 4 नग ट्यूबवेल ड्रीप सिस्टम, मल्चींग, विद्युत ट्रांसफार्मर, व्हीएनआर किस्म मधुर हाइब्रीड बीज के अलावा तकनीकी मार्गदर्शन विभागीय अधिकारियों की ओर से नियमित दिया जा रहा है। किसान मंगलराम राना, नरेन्द्र पांडे, रामचंद पांडे, रामनाथ भोयर, चमरु पांडे, मानबती पांडे, सुखदेव पांडे, रामबती राना, रविन्द्र राना, जनमती राना व दीपेन्द्र राना ने बताया कि किसान इस महत्वाकांक्षी योजनाओं को बहुत अच्छे ढंग से विभागीय अधिकारी द्वारा बताया गया। हम सभी पूरी लगन और मेहनत कृषि कार्य को करेंगे। यह हमारे आने वाले दिनों में आमदनी व उच्च स्तर के जीवनयापन को सार्थक करेगा।
इस अवसर पर कलेक्टर राजेन्द्र कुमार कटारा व डीएफओ अशोक पटेल ने किसानों का उत्साहवर्धन किया और सीताफल का पौधरोपण कर कृषि विभाग के सहायक संचालक नरवरिया को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कृषको को तकनीकी जानकारी नियमित रुप से देने व आवश्यक सहयोग प्रदान करने के निर्देश दिए।