धमतरी (वीएनएस)। धार्मिक नगरी धमतरी में विगत तीन वर्ष बाद भगवान जगन्नाथ, भ्राता बलभद्र, सुभद्रा की भव्य महाआरती मंदिर प्रागंण में किये जाने के बाद रथयात्रा आरंभ हुई। पिछले 2 वर्ष कोरोना संक्रमण की वजह से रथ यात्रा का आयोजन नहीं किया गया था। इस बार श्रद्धालुओं में उत्साह दिखाई दिया। सुबह पट खुलते ही भगवान जगन्नाथ के दर्शन करने श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। दोपहर तक लंबी कतार दिखाई देने लगी थी। सुबह 5 बजे महाआरती पश्चात पट खोल दिया गया था। दोपहर लगभग 1:30 बजे भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और माता सुभद्रा को विराजित किया गया। महाआरती के बाद रथ जनकपुर के लिए रवाना हुआ।
रथयात्रा को लेकर समिति की ओर से पूरी तैयारियां कर ली गई थी। दोपहर को आरती पश्चात रथ खींचने श्रद्धालुओं में उत्साह देखा गया। जयकारालगाते हुए रथ आगे आगे बढ़ने लगा। सुबह से बारिश नहीं हुई है, रथयात्रा में कहा जाता है कि बारिश होना शुभ होता है। रथ शाम तक जनकपुर पहुंचेगी। रास्ते में श्रद्धालुओं ने आरती पूजन कर स्वागत किया। इस दौरान गजा मूंग प्रसाद का वितरण किया गया। वहीं बैंड बाजे की धुन के साथ अलग अलग भजन मंडलियो की ओर से धार्मिक भजन गाते हुए धीरे धीरे गंतव्य की ओर बढ रहे थे। इस दौरान पुरे रास्ते भर भारी संख्या में दशर्नाथिर्यों की भीड एकत्रित थी। दशर्नाथिर्यों को गजामुंग का प्रसाद वितरण पूरे रास्ते भर किया गया। वहीं क्षेत्रिय जनप्रतिनिधियो के साथ साथ मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारी व सदस्यगण इस मौके पर रथ के आगे आगे चल रहे थे।
महाआरती किये जाने के बाद मंदिर प्रागंण से यह भव्य शोभायात्रा मठ मंदिर चौक से होते हुए चमेली चौक, कचहरी चौक, गणेश चौके होते हुए भगवान की यह शोभायात्रा विंध्यवासिनी मंदिर के पिछे स्थित नैनिहाल पहुंचकर निर्धारित दिनो तक विश्राम करने के पश्चात पुन: भगवान वापसी मंदिर में होगी। इस दौरान दशर्नाथिर्यों की भीड को नियंत्रित किये व शांति व्यवस्था बनाये रखने जिला दंडाधिकारी के निर्देश पर पर्याप्त संख्या पुलिस जवानो की ड्युटी लगाई गई थी। वहीं दोपहर के समय प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी पहुंचकर प्रत्यक्ष रूबरू होने के बाद कुछ देर ठहरकर शहर में पेट्रोलिंग के लिए निकली।