धमतरी (वीएनएस)। विदित हो कि ओबीसी वर्ग की बैठक 2 जुलाई को ग्राम भठागंव में हुआ। जिसमें अखिल भारतीय पिछड़ा वर्ग संघ के राष्ट्रीय महासचिव एवं ओबीसी संयोजन समिति छत्तीसगढ़ के संस्थापक अधिवक्ता शत्रुहन सिंह साहू ने आगामी 20 नवंबर 2022 को ओबीसी वर्ग की राष्ट्रीय अधिवेशन की घोषणा करते हुए कहा कि मंडल कमीशन की सभी सिफारिशों को लागू करने से ओबीसी समाज की समस्याएं एक तरह से समाप्त हो जाएगी इसके लिए छत्तीसगढ़ के सभी 95 जातियों के ओबीसी समाज के लोगों को राजनीतिक गुलामी व जाति बंधन तोड़ कर मंडल कमीशन के नाम पर एक झंडे के नीचे इक_ा होने की आवश्यकता है, जिसके लिए लगातार संघ की ओर से प्रशिक्षण शिविर चलाई जा रही है।
यह कार्यक्रम पूरे ओबीसी वर्ग की जातियों को संगठित करके समान भागीदारी के लिए और मंडल आयोग की सर्वे रिपोर्ट के अनुसार 52 प्रतिशत हक़ के लिए शक्ति निर्माण की अद्वितीय पहल है। हजारों साल पहले जो ओबीसी समाज शासक वर्ग था जिनके कठोर परिश्रम और मेहनत के दम पर भारत को सोने की चिडिय़ा कहा जाता था, आखिर क्या वजह है कि आज उस अन्य पिछड़ा वर्ग को प्रतिभाशाली होने के बाद भी समान भागीदारी से वंचित किया जा रहा है। इन तमाम गड़बड़ियों में सुधार व ओबीसी की उत्थान केलिए सभी समाज को जाति बंधन से ऊपर उठकर पहले समाज के लिए संगठित होना होगा। क्योंकि देश सर्वश्रेष्ठ तभी बनता है जब देश के सभी नागरिक आर्थिक सामाजिक शैक्षणिक रूप से संपन्न होता है, लेकिन आज दुर्भाग्य है कि ओबीसी समाज अपने गौरवशाली इतिहास के ज्ञान से अछूता है और जो समाज अपनी इतिहास को नहीं जानता है, वह विचारों का निर्माण नही कर सकता और बिना विचार के संगठन नहीं बन सकता है। इसलिए तमाम ओबीसी वर्ग में आने वाले सामाजिक संगठनों को अब एक मंच में आने का समय आ गया है, तभी हम अपने आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित कर सकतें है।
बैठक का आयोजन नरसिंह साहू, टेमन साहू, ओम प्रकाश साहू, दयाशंकर की ओर से किया गया, जिसमें मुख्य रुप से जिला प्रभारी समारू सिन्हा, जिला अध्यक्ष चोवा राम, कार्यकरी जिलाध्यक्ष प्रभु दयाल, ब्लॉक अध्यक्ष भूषण साहू, संगठन मंत्री भीखम लाल, कमर्चारी प्रकोष्ठ के शैलेन्द्र साहू, पूणर्कालिक प्रचारक नेकराम, लोमश साहू सहित बड़ी संख्या लोग में उपस्थित हुए।