अज्ञात वाहन की ठोकर से गाय-बैल की मौत, नगर पंचायत के कर्मचारियों ने किया कफन-दफन

Posted On:- 2022-07-04



अंबिकापुर (वीएनएस)। अंबिकापुर-बिलासपुर नेशनल हाईवे स्थित लखनपुर मुख्य मार्ग विनायक ज्वेलर्स के सामने 3 जुलाई दिन रविवार की रात अज्ञात वाहन की ठोकर से गाय बैल की मौत हो गई। नगर पंचायत के कर्मचारियों के द्वारा गाय बैल के शव को ले जाकर कफन दफन किया गया है। ये मौत तेज रफ्तार अज्ञात वाहन की ठोकर हुई हैं, मगर इसके लिए पशु मालिक भी कम जिम्मेदार नहीं है जो गायों को खुले में छोड़ देते हैं।

बेजुबान जानवर मक्खी व कीट पतंगों से बचने सूखे स्थान की तलाश में साफ-सुथरे सड़कों पर बैठ जाते हैं।अगर मवेशी मालिक इनकी सही देखभाल करें तो इस तरह निर्दोष गाय बैलों की मौत नहीं होगी। यही नहीं नगर व ग्रामीण क्षेत्रों के लोग अपने पालतू पशुओं को खुले में विचरण करने के लिए सड़क पर छोड़ देते हैं। बेजुबान जानवर सड़क पर इधर-उधर बैठ जाते हैं और लापरवाही पूर्वक वाहन चलाने के कारण पशु बेमौत मारे जाते हैं। इसमें लापरवाही पूर्वक वाहन चलाने वाले चालक तो दोषी है ही लेकिन उनसे ज्यादा जिम्मेदार वह पशु मालिक भी हैं जो पशुओं को उपयोग होने के बाद खुले में छोड़ देते हैं। बेजुबान पशु सूखा स्थान की तलाश में सड़क के ऊपर बैठ जाते हैं मगर ऐसे पशु मालिकों पर कोई कार्यवाही नहीं होती है। इन पशु मालिकों के खिलाफ कार्यवाही आवश्यक है अन्यथा निर्दोष पशुओ की मौत का सिलसिला जारी रहेगा।

गौरतलब है कि लखनपुर नगर की प्रतीक्षा बस स्टैंड गुजरी चौक मुख्य मार्ग के सड़कों पर दर्जनों की संख्या में मवेशी विचरण करते हैं। जिससे आए दिन दुर्घटनाएं की संभावना बनी रहती हैं नगर वासियों के द्वारा इसे लेकर नगर पंचायत में शिकायत की जाती है। नगर पंचायत कार्यालय की ओर नगर में खुले घूम रहे मवेशियों को लेकर नगर में वाहन के माध्यम से सूचना देते हुए खुले में घूम रहे हैं पशुओं को ले जाने की अपील भी की जाती है परंतु पशु मालिक इस ओर ध्यान नहीं देते। नगर में खुले घूम रहे मवेशीयो को कांजी हाउस घर में बंद कर दिया जाता। कांजी हाउस में बंद पशुओं को महीनों तक चारा पानी दिया जाता है परंतु पशुओं को छुड़ाने कोई पशु मालिक नहीं पहुंचते। जिस कारण नगर पंचायत की ओर से पशुओं की नीलामी कर दी जाती है। पशुओं की नीलामी उपरांत पशुपालक नगर पंचायत के कर्मचारियों के ऊपर एफ आई आर दर्ज करा देते हैं। जबकि सही मायनों में खुले घूम रहे पशुओं के मालिकों पर कार्रवाई करानी चाहिए।