पेट्रोलियम ईंधन भी उचित समय पर GST के दायरे में होगा : तरुण बजाज

Posted On:- 2022-07-05



नई दिल्ली (वीएनएस)।  केंद्रीय वित्त मंत्रालय में राजस्व सचिव तरुण बजाज ने उम्मीद जाहिर की कि पेट्रोलियम ईंधन भी उचित समय पर वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के दायरे में आ जाएगा। उन्होंने कहा कि पेट्रोलियम ईंधन पर कर और शुल्क केंद्र और राज्यों-दोनों के लिए राजस्व का बड़ा स्रोत हैं। इसलिए ईंधन को जीएसटी के दायरे में रखने को लेकर कुछ आशंका है, लेकिन आने वाले समय में यह जीएसटी के दायरे में आ जाएगा। बजाज उद्योग मंडल एसोचैम द्वारा जीएसटी की पांच साल की यात्रा और आगे की राह विषय पर एक संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जीएसटी जितना बड़ा कुछ नया करने के लिए कुछ हिचकी आना तय है। न केवल सरकार के बीच बल्कि उद्योग और लोगों के बीच सोच में पहले से ही बहुत बड़ा अंतर है और स्पष्ट रूप से जीएसटी की स्वीकार्यता पिछले एक साल में बढ़ी है। बजाज ने कहा कि मुझे नहीं लगता कि किसी को यह उम्मीद थी कि पहले दिन से ही सब कुछ जीएसटी के अंतर्गत चला जाएगा। एक नीति निर्माता के रूप में, मैं उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए प्रक्रिया को अच्छी तरह से करने देख-समझ कर बढ़ने में विश्वास करता हूं। जीएसटी के कारण संगठित क्षेत्र का विस्तार हुआ है क्योंकि कर देने पर ही उत्पादन सामग्री पर चुकाए गए कर में छूट (आईटीसी) का लाभ मिलता है। इससे आयकर संग्रह जैसी बातों पर भी अनुकूल असर हुआ है। आयकर राजस्व बढ़ाने में पिछले साल चुनौतियों के बावजूद, राजस्व में 49 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। पिछले साल जीएसटी पर राजस्व में भी 30 फीसदी की वृद्धि हुई।