वीएनएस की खबर का असर : सिंचाई विभाग ने बिल्डर्स को भेजा नोटिस...

Posted On:- 2022-07-06



नाले को पाटकर कर रहे थे अवैध निर्माण, हरकत में आया विभाग

रायपुर (वीएनएस)। राजधानी से लगे ग्राम बोरियाकला में बिल्डर ने मनमानी करते हुए अपने प्लॉटिंग एरिया से लगे नाले को पाटकर सरकार की फ्लैगशिप नरवा विकास योजना की धज्जियां उड़ाने का प्रयास किया है। इस खबर को विजन न्यूज़ सर्विस ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था, जिसका असर हुआ है और अनुविभागीय अधिकारी, जलसंसाधन विभाग ने दोनों बिल्डर्स को नोटिस भेजा है। विभाग ने 7 दिवस के भीतर अवैध बॉउंड्रीवाल को हटवाने का आदेश दिया है। ऐसा नहीं करने पर विभाग इस निर्माण को हटाएगा हुए इसका व्यय बिल्डर्स से वसूला जाएगा। इस निर्माण के ले आउट को निरस्त करने नगर तथा ग्राम निवेश संचालक कार्रवाई कर रहे है। इसकी शिकायत अनीता गोयल ने की थी।

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दरअसल बोरियाकला में बिल्डर मनमानी करते हुए अपने प्लॉटिंग एरिया से लगे नाले को पाटकर निर्माण कार्य करा रहे थे। जब इस मामले की शिकायत सिंचाई विभाग को मिली तो विभाग ने जांच अधिकारी नियुक्त कर तत्काल मामले की जांच कराई। जांच अधिकारी के पहुंचने के बाद बिल्डर ने पाट रहे नाले के कार्य में परिवर्तन कर पाइप बिछाने की तैयारी भी कर ली थी। ओरम सिटी के निशांत पगारिया और मोनिका बिल्डर्स के सतीश कुमार जैन इस मामले में सरकारी नियमों की धड़ल्ले से धज्जियां उड़ा रहे हैं। अनंत रियालिटी के नाम पर दूसरा ले-आउट सिंचाई विभाग से बिना अनापत्ति प्रमाण पत्र के जारी कराया है, जिसकी जांच नगर एवं ग्राम निवेश विभाग द्वारा प्रतिवेदन संचालक रायपुर को भेजा गया है। इसके बाद भी युद्ध स्तर पर नाले पर अतिक्रमण जारी है। उक्त भूमि पर पहुंच मार्ग नहीं है। इसलिए नाले की भूमि पर कब्जाा करते हुए पहुंच मार्ग बनाने का प्रयास किया जा रहा था।

मिली जानकारी के मुताबिक खसरा क्रमांक 1599 राजस्व रिकॉर्ड में नाला भूमि दर्ज है। साथ ही इस नाले से पानी की सप्लाई भी जारी है। राज्य सरकार की फ्लैगशिप नरवा विकास योजना के माध्यम से इस नाले का जीर्णोद्धार होना था, लेकिन बिल्डर की मनमानी के चलते अब यह नाला विलुप्ति के कागार पर पहुंच गया है। सूत्रों के अनुसर बोरियाखुर्द के सरपंच महेन्द्र वर्मा की भी बिल्डर से मिलीभगत की जानकारी सामने आ रही है।