किसी गलती,अपराध, भूल पर क्षमा तो बहुत लोग मांगते हैं लेकिन किसी की भूल,अपराध,गलती को हर कोई क्षमा नहीं कर सकता।ज्यादातर लोग तो खुद तत्काल सजा देते हैं। बहुत कम लोग होते हैं जो माफ कर पाते हैं। यह माफ करने वाले लोगों का दिल बहुत बड़ा होता है। जो लोग वाकई में बड़े होते हैं वे माफ कर पाते हैं।छोटे लोगों के बस की बात नहीं है क्षमा करना। राहुल गाधी भी देश के बड़ नेता है। वह सरल, सौम्य,ईमानदार,बड़ी से बड़ी गलती को क्षमा करने वाले हैं। धार्मिक व आध्यात्मिक क्षेत्र में तो ऐसे क्षमा कर वाले बहुत होते हैं लेकिन राजनीतिक क्षेत्र में ऐसे लोग बहुत ही कम होते हैं। राजनीतिक क्षेत्र के लोगों को ऐसे लोगों से सीखना चाहिए कि बड़ी से बड़ी गलती को कितनी सहजता से माफ किया जा सकता है। हाल ही में केरल के राहुल गांधी के कार्यालय वामपंथी कार्यकर्ताओं ने तोडफ़ोड़ कर दी। राहुल गांधी ने उनके खिालप कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई। उनके खिलाफ कुछ नहीं कहा। उन्होंने बड़े दिल की मिसाल पेश करते हुए सभी को माफ कर दिया तथा कहा ये भी हमारे बच्चे हैं। नासमझ हैं, इसलिए ऐसा किया। राजनीति में ऐसा आजकल कौन करता है। राहुल गांधी ऐसा करते रहे हैं। इससे पहले उन्होंने अपने पिता के कातिल को माफ कर दिया था। ऐसा कोई कहां कहता है। सब बदला चाहते हैं, सब सजा चाहते हैं। कोई गलती को माफ कर गलती करनेवाले को सुधरने का मौका नहीं देना चाहता है. नफरत व गुस्से से भरे हुए लोगों के बीच राहुल गांधी एक मिसाल हैं।वह कथनी से नहीं अपनी करनी से लोगों को प्रेरित करते हैं कि किसी से कोई गलती हो गई है तो सबसे अच्छी बात उसे माफ कर देना है ताकि वह फिर ऐसी गलती न करे। देश के लोगों सहित कांग्रेस नेताओं को राहुल गांधी से प्रेरणा लेनी चाहिए। कांग्रेस नेताओं के पास तो मौका भी था। एक समाचार चैनल के एंकर को माफ कर देने का । उसने स्वीकार किया कि उनके चैलन से गलती हो गई है तथा इसके लिए उन्हें खेद है। वह इसके लिए माफी मांगते है। कांग्रेस नेताओं ने उन्हे माफ नहीं किया। उनके खिलाफ गैर जमानती धाराओं में जुर्म दर्ज करवाया,पुलिस ने कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट जारी करवाया। पुलिस को यूपी नोयडा गिरफ्तार करने के लिए भेज दिया गया। इससे साफ जाहिर होता है कि कुछ कांग्रेस नेता अपने नेता राहुल गांधी से कितने अलग हैं। पार्टी के लोगों को तो अपने नेता के समान होना चाहिए। राहुल गांधी जो आचरण पेश करते हैं। वह इसीलिए तो पेश करते हैं कि देश व कांग्रेस के नेता वैसा करेंगे। अफसोस कुछ कांग्रेस नेता ऐसा नहीं करते है। वह तो मौका मिला है तो एक नेशनल चैलन को सबक सिखाना चाहते हैं तोकि वह सुधर जाए। कांग्रेस नेता तो न्यूज चैनल को राहुल गाधी की तरह सुधार सकते थे,उसकी गलती को माफ करके, उन्हें अपना ही तरीका सही लगा इसलिए उन्होंने माफ न कर गिरफ्तारी का रास्ता चुना। यह सच है कि नेशनल मीडिया जो दल सत्ता में रहताा है तो उसकी खबरे ज्याा दिखाते हैं।सवाल उससे कम पूछते हैं। सारे सवाल कांग्रेस से ही पूछते हैं। राहुल गांधी को अपना नेता मानने वालों को इस बात पर गुस्सा नहीं करना चाहिए। राहुल गांधी की तरह हर स्थिति में शांत,सरल,सहज सबकों माफ करने वाला बने रहना चाहिए। कांग्रेस चुनाव हार जाती है तो राहुल गांधी गुस्सा नहीं होते हैं।वह कांग्रेस नेताओं का माफ कर देते हैं। ताकि कांग्रेस अपने को सुधारे, अपनी गलती को जाने।