कोण्डागांव (वीएनएस)। बुधवार को कलेक्टर सोनी ने जिले में संचालित विभिन्न कार्यक्रमों की समीक्षा केलिए कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में बैठक की। इस बैठक में उन्होंने संवेदना कार्यक्रम व कोंडानार टूरिज्म पर विस्तृत चर्चा की। जिसमें उन्होंने सर्वप्रथम संवेदना कार्यक्रम पर चर्चा करते हुए जिले के अंतर्गत कार्यरत जिला मानसिक स्वास्थ्य के दल एवं शांति फाउण्डेशन के सदस्यों से कार्यों की जानकारी ली। जिसमें दल की ओर से साईकेट्रिस्ट की कमी की जानकारी मिलने पर तुरंत साईकेट्रिस्ट की नियुक्ति करने के निर्देश दिये साथ ही नियुक्ति तक निमहांस के चिकित्सकों से अथवा अन्य निजी चिकित्सकों को टेली मेडिसिन के माध्यम से जोड़कर मरीजों के उपचार केलिए निर्देशित किया। इसके अलावा मानसिक स्वास्थ्य के दल को मरीजों की उपचार के पूर्व व बाद स्थिति की जांच के लिए लगातार मॉनिटरिंग एवं विशेष जांच कराने को कहा।
जिला मुख्यालय में संचालित हॉफ वे होम संस्था के संचालक शांति फाउण्डेशन के सदस्यों ने भी इस बैठक में भाग लिया। जहां उन्होंने बताया कि नवम्बर से अब तक 112 मरीजों को हॉफ वे होम द्वारा सेवाएं दी गई है। जिसमें सेंदरी स्थित मानसिक अस्पताल में भर्ती के पूर्व व बाद मरीजों को सेवाएं प्रदान की जाती है। कलेक्टर ने हॉफ वे होम के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि जिले में मानसिक रोगियों के संबंध में स्वास्थ विभाग के साथ मिलकर सर्वे द्वारा ऐसे क्षेत्र जहां मानसिक रोगियों की संख्या अधिक प्राप्त हो रही है, उनका चिन्हांकन कर वहां मानसिक रोग के फैलने के संभावित कारणों जैसे अत्यधिक मद्यपान, नशे, अंधविश्वासों आदि का पता लगायें, ताकि प्रशासन की ओर से समय पर उन कारणों पर नियंत्रण केलिए कार्ययोजना तैयार कर कारणों के उन्मूलन केलिए प्रयास किये जा सकें। अब मरीजों के उपचार के साथ उनके मानसिक बीमारियों से ग्रसित होने के कारणों के उन्मूलन पर भी ध्यान केंद्रीत किया जाएगा। इस बैठक में जिला पंचायत सीईओ प्रेमप्रकाश शर्मा, डिप्टी कलेक्टर भूपेन्द्र गावरे, डीडी समाज कल्याण ललिता लकड़ा, सीएमएचओ डॉ. टीआर कुंवर, हॉफ वे होम से यतिन्द्र सलाम, वीपी शर्मा, अजय सोनी उपस्थित रहे।
पर्यटन क्षेत्रों में आवश्यक सुविधाओं का होगा विकास :
मावा कोंडानार पर्यटन की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि जिले में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। ऐसे में इन सभी संभावनाओं को हकीकत में लाने केलिए पर्यटन क्षेत्रों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाना आवश्यक है। इसके लिए पर्यटन क्षेत्रों में आवश्यक सुविधाओं जैसे शौचालय, पेयजल, संकेतक बोर्ड, सड़कों को जल्द से जल्द विकसित करना होगा। इसके लिए सभी विभागों को समन्वयित प्रयास करना होगा। उन्होंने टाटामारी में साहसिक खेलों जैसे जिपलाईन, आचर्री आदि को स्थाई रूप से स्थापित कर बारहों महीने संचालित करने तथा टाटामारी में आगामी सभी निर्माणों को कांक्रिट संरचनाओं के स्थान पर प्राकृतिक सौंदर्य से निर्मित व सुसज्जित करने को कहा। लिंगो देव पथ को क्षेत्र के लोगों व पर्यटन केलिए मील का पत्थर बताते हुए उन्होंने इसके अधूरे सड़कों को पूर्ण कर पर्यटन क्षेत्रों को आपस में जोड़ने वाली सड़कों के निर्माण हेतु निर्देश दिये।