- महापौर एवं अपर कलेक्टर की उपस्थिति में 2303 आवासों को मिली स्वीकृति राजनांदगांव (वीएनएस)। प्रधानमंत्री आवास योजना के घटक एएचपी मोर मकान मोर चिन्हारी के तहत नगर पालिक निगम राजनांदगांव निकाय क्षेत्रान्तर्गत गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों को किफायती दरों में आवास प्रदान करने के लिए आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में बैठक हुई। महापौर हेमा देशमुख एवं अपर कलेक्टर सीएल मारकण्डेय की उपस्थिति में 2303 आवासों की स्वीकृति प्राप्त हुई है। स्वीकृति के विरूद्ध 644 आवास रेवाडीह, मोहरा, लखोली आदि स्थानों में पूर्ण हो चुके है, इन्हीं पूर्ण आवास में से 306 आवासों का आबंटन लॉटरी के माध्यम से शहर के विभिन्न झुग्गी बस्तियों में निवासरत परिवारों को आबंटित किया गया है। शेष आवास जो पूर् हैं एवं आबंटन के अभाव में जर्जर एवं लगातार चोरी की घटनाओं के शिकार हो रहे हैं, अवैध कब्जे से बचाने हेतु योजना अंतर्गत निर्मित आवासों को क्षतिग्रस्त होने से पूर्व राज्य शासन की पहल पर मोर मकान मोर आस के तहत निकाय क्षेत्र में 31 अगस्त 2015 के पूर्व से निवासरत एवं 2011 की जनगणना सूची में शामिल किरायेदार के रूप में शामिल किरायेदार के रूप में निवासरत परिवारों को पात्रतानुसार आवास प्रदान करने के लिए प्रति आवास का मूल्य निम्नानुसार निर्धारण किया गया है। महापौर हेमा देशमुख ने बताया कि जनसामान्य सुविधा हेतु भू-तल में निर्मित आवास चाहते हैं। इस प्रकार भू-तल के आवास का मूल्य सर्वाधिक रखकर, निर्धारित मूल्य में 5 प्रतिशत की वृद्धि करते हुए ऊपर से नीचे के क्रम में मूल्य निर्धारित किया गया है। मानवीय आधार पर 65 वर्ष से अधिक, 70 प्रतिशत से अधिक दिव्यांग, हृदय रोग या गंभीर बीमारियों से ग्रसित परिवार को भू-तल के आवास प्राथमिकता से प्रदान किये जायेंगे। निर्धारित मूल्य में 20 प्रतिशत जो वृद्धि की गई है उसी मूल्य से योजना के प्रचार प्रसार एवं अन्य क्रियान्वयन में आने वाले खर्च को भी इसी के अंतर्गत लिया गया है। नगर निगम आयुक्त आशुतोष चतुर्वेदी ने बताया कि निकाय से आवेदन पत्र 100 रूपए की दर से प्राप्त कर आवेदन कर सकते है। योजना के सफल क्रियान्वयन हेतु प्रचार-प्रसार प्रेस एवं नगर में मुनादी भी कराया जा रहा है। इसके अंतर्गत प्राप्त आवेदनों का पात्रता के लिए परीक्षण कर दावा आपत्ति का प्रकाशन किया जाएगा। आपत्ति के पश्चात आबंटन के पूर्व गठित समिति से सूची का अनुमोदन करना। दावा, गठित समिति से पात्र हितग्राहियों की सूची का अनुमोदन पश्चात लॉटरी के माध्यम से आवासों का आबंटन किया जा रहा है। इस अवसर पर नगर निगम के सभी अधिकारी उपस्थित थे