पढ़ें पत्रकार चंद्र शेखर शर्मा की बात बेबाक

Posted On:- 2025-11-03




चंद्र शेखर शर्मा (पत्रकार ) 9425522015

राज्योत्सव की धुन में छत्तीसगढ़ महतारी का सम्मान भूले अफसरों नेताओ व छात्तीसगढ़ महतारी के नाम पर अपनी दुकानदारी चमकाने वाले महामानवों को भी रजत राज्योत्सव की बधाई शुभकामनाएं ...

राज्योत्सव की बेला पर आज कलेक्ट्रेट परिसर में कलेक्टर की दीवार से लगी महतारी अदद रोशनी को तरसती छात्तीसगढ़ महतारी को देख दुःख हो रहा आखिर ये कैसा उत्सव है जिसमें जिम्मेदार मां को ही भूल गए ।

अमीर धरती के गरीब लोगों को रिझाने उत्सव मनाने छत्तीसगढ़ निर्माण की रजत जयंती मनाने 25 वां राज्योत्सव बढ़े धूम धाम से नाच गाने गीत संगीत की महफिलों के बीच चकाचौंध जगमगाती डिस्को लाइट डीजे के धुन , विकास की गाथा दिखाते सरकारी स्टालों के बीच बड़ी धूम धाम से राज्य से लेकर जिला मुख्यालय तक मनाया जा रहा है । बड़े बड़े मंच सजे है अतिथियों का सत्कार गुलदस्ते फूल माला के साथ हो रहा , मिनरल वाटर की बोतल और काजू किशमिश की प्लेटों के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम का आनंद के क्या ही कहने । कालेज ग्राउंड की चकाचौंध तैयारियों के बीच जिला प्रसाशन अपने कार्यालय की दीवारों को रंगीन झालर और लाइट से सजाना नही भुला और भूलता भी कैसे   भवनों को सजाने के सरकारी फ़रमान था । 

कार्यक्रम की तैयारियों कार्यक्रम के अरुचिकर चयन के बीच बस एक बात भूल गया कि जिस छात्तीसगढ़ महतारी के नाम पर पूरा छात्तीसगढ़ उत्सव मना रहा है । कलेक्टर परिसर में कलेक्टर कार्यालय की दीवार से लग कर स्थापित की गई छात्तीसगढ़ महतारी को रोशन करना भूल गया । 1 नवम्बर को भुला तो भुला आज 2 नवम्बर को भी छात्तीसगढ़ महतारी को सजाने संवारने और रोशनी करने की जरूरत जिला प्रसाशन को महसूस नही हुई । कार्यालय की छत्तीसगढ़ महतारी अदद रोशनी को तरस रही । सरकारी योजनाओं के प्रचार प्रसार में आत्ममुग्ध प्रशासन छत्तीजगढ़ महतारी का सम्मान करना भूल गया। 

विदित हो कि गत दिनों छत्तीसगढ़ महतारी के अपमान से उपजे आक्रोश से हुई गाली गलौच , सन्तो , भगवान के अपमान से पूरा प्रदेश जल रहा बावजूद इसके किसी को छात्तीसगढ़ महतारी के सम्मान की चिंता किसी को नही ना शासन प्रशासन को ना ही छात्तीसगढ़ महतारी के नाम से अपनी दुकानदारी चमकाने वाले कथितों को। क्षमा करना छत्तीसगढ़ महतारी इन अधर्मियों को ....

और अंत में :-
झूठ से कहीं अधिक ख़तरनाक होता है अर्ध्यसत्य,
इससे अश्वत्थामा नहीं मरता, द्रोणाचार्य मारे जाते हैं।
#जय_हो 2 नवम्बर 25 कवर्धा (छात्तीसगढ़)



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