जशपुरनगर (वीएनएस)। कलेक्टर रोहित व्यास ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक लेकर जिले में विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास, सीखने की क्षमता में वृद्धि और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए संचालित विभिन्न कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की।
उन्होंने शिक्षण प्रक्रिया को अधिक प्रभावी, सहज और रुचिकर बनाने के साथ विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए। बैठक में कलेक्टर ने जश लर्न, जश क्वेस्ट, स्मार्ट क्लासेस, संपर्क स्मार्ट शाला सहित विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों एवं नवाचारों की समीक्षा की। उन्होंने सभी कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हुए अधिक से अधिक विद्यार्थियों को इनका लाभ दिलाने और कार्यक्रमों के अपेक्षित परिणाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जश लर्न के दूसरे चरण में 84 प्रतिशत बच्चों ने हासिल की बेहतर समझ
कलेक्टर व्यास ने जश लर्न कार्यक्रम के दूसरे चरण के पूर्ण होने के बाद इसकी उपलब्धियों की समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। दूसरे चरण के बाद 84 प्रतिशत बच्चे अब जोड़, घटाव, गुणा और भाग जैसी मूलभूत गणितीय संक्रियाओं को पहले की तुलना में अधिक आसानी से समझने और सवाल हल करने में सक्षम हुए हैं। कलेक्टर ने इस उपलब्धि की सराहना करते हुए अगले चरण को और अधिक प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए। जश क्वेस्ट कार्यक्रम की समीक्षा के अधिकारियों ने बताया कि कार्यक्रम के तहत शिक्षकों का प्रशिक्षण तथा संकुल समन्वयकों का ऑनलाइन ओरिएंटेशन पूर्ण हो चुका है। प्रशिक्षित शिक्षकों द्वारा अब विद्यालय स्तर पर अन्य शिक्षकों को भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
कलेक्टर ने कार्यक्रम को निर्धारित उद्देश्यों के अनुरूप प्रभावी ढंग से लागू करने तथा विद्यार्थियों की विषयगत समझ और सीखने के परिणामों में सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। विद्यालयों में संचालित स्मार्ट क्लासेस की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने इनके नियमित एवं प्रभावी संचालन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने स्मार्ट क्लास की गतिविधियों की निरंतर मॉनिटरिंग करने तथा उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने को कहा।
स्कूलों में संचालित अन्य गतिविधियों की समीक्षा की
कलेक्टर व्यास ने विद्यालयों में बालिकाओं के लिए सुरक्षित, स्वच्छ एवं आवश्यक शौचालय सुविधा उपलब्ध कराने को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन विद्यालयों में बालिका शौचालय की सुविधा उपलब्ध नहीं है, वहां शीघ्र प्रस्ताव तैयार कर प्रस्तुत किया जाए, ताकि आवश्यकता के अनुसार निर्माण कार्य कराया जा सके। स्वीकृत निर्माण कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कराने के निर्देश भी उन्होंने दिए। बैठक में उन्होंने मैंडेटरी बायोमेट्रिक अपडेट, अपार आईडी, विद्यार्थियों के जाति प्रमाण पत्र निर्माण, समग्र शिक्षा अंतर्गत स्मार्ट क्लास के लिए विद्यालयों के उन्नयन कार्य तथा स्टूडेंट डाटा एंट्री की प्रगति की भी समीक्षा। कलेक्टर ने लंबित कार्यों को प्राथमिकता के साथ समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए, ताकि विद्यार्थियों को शासकीय योजनाओं और विभिन्न शैक्षणिक सुविधाओं का समय पर लाभ मिल सके। बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी नरेंद्र सिन्हा सहित स्कूल शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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